jhankar
ब्रेकिंग
Aaj Ka Rashifal: आज दिनांक 07 अप्रैल 2026 का राशिफल, जानिए आज क्या कहते है आपके भाग्य के सितारे स्वास्थ्य विभाग एवं नगरीय प्रशासन विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई संत बुखारदास महाराज का आशीर्वाद हुआ फलीभूत, परिवार में 107 साल की बुजुर्ग दादी माँ नर्मदा परिक्रमा व... काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित हुई विश्व की प्रथम “विक्रमादित्य वैदिक घड़ी” इंदौर में शादी के दौरान हादसा, ओवरलोड लिफ्ट टूटने से 12 घायल बड़वानी कलेक्टर जयति सिंह का व्हाट्सएप हैक विजय मेवाड़ा के हत्यारों के लिए फांसी की सजा की मांग बड़े तालाब के पास रसूखदारों के 347 अवैध बंगलों पर शुरू हुई बुलडोजर कार्रवाई मध्य प्रदेश में भाजपा स्थापना दिवस पर 14 जिलों में वर्चुअल पार्टी कार्यालय भूमिपूजन वीई कॉमर्शीयल व्हीकल लिमिटेड कम्पनी की कैम्पस ड्राइव 9 मई को

ग्वालियर–मुरैना के लोग पासपोर्ट के लिए सबसे ज्यादा सक्रिय

भिंड। भिंड शहर के हनुमान बजरिया स्थित बड़े डाकघर परिसर में 19 अप्रैल 2025 को शुरू किए गए पासपोर्ट सेवा कार्यालय ने सात महीनों में अपनी पहचान मजबूत कर ली है। हालांकि पासपोर्ट बनवाने में भिंड जिले के लोगों की संख्या उम्मीद से कम है, लेकिन ग्वालियर और मुरैना जिले के लोगों का रुझान अप्रत्याशित रूप से अधिक देखा जा रहा है।

सात महीने में 10 हजार पासपोर्ट जारी
कार्यालय के आंकड़े बताते हैं कि सात महीनों में करीब 15 हजार आवेदन आए, जिनमें से 10 हजार पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं। रोजाना औसतन 30 से 40 लोग कार्यालय पहुंचकर पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं।

- Install Android App -

ग्वालियर और मुरैना के लोग क्यों आ रहे अधिक?
पासपोर्ट कार्यालय के इंचार्ज अभिषेक छत्रसाल के अनुसार ग्वालियर में पासपोर्ट सेवा केंद्र पहले से संचालित है, लेकिन भिंड कार्यालय के शुरू होने के बाद यहां दस्तावेजी जांच और अन्य प्रक्रिया आसान होने से ग्वालियर-मुरैना क्षेत्र के लोग भी यहां आने लगे हैं। उन्होंने बताया कि कई आवेदक ग्वालियर केंद्र पर लंबी वेटिंग से बचने के लिए भिंड कार्यालय को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके अलावा, मुरैना के लोगों के लिए भिंड की दूरी अपेक्षाकृत कम होने से वे यहां बड़ी संख्या में आ रहे हैं।

भिंड जिले में उत्साह कम, फिर भी बदल रहा ट्रेंड
शुरू में उम्मीद थी कि भिंड के हजारों युवा पासपोर्ट बनवाने के लिए भारी संख्या में पहुंचेंगे। लेकिन शुरुआती महीनों में आवेदन संख्या अपेक्षाकृत कम रही। इसका मुख्य कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पासपोर्ट प्रक्रिया को लेकर जागरूकता की कमी बताई जा रही है। हालांकि पिछले दो महीनों में भिंड जिले के लोगों में भी पासपोर्ट बनवाने को लेकर रुझान बढ़ा है। स्थानीय युवाओं ने बताया कि विदेश में रोजगार और स्कॉलरशिप अवसरों की जानकारी मिलने से अब अधिक लोग पासपोर्ट बनवाने के लिए जागरूक हो रहे हैं।