jhankar
ब्रेकिंग
छत्तीसगढ़ में बारिश से बाढ़ के हालात, महादेव घाट से गंगरेल डैम तक पानी ही पानी हरदा–आशापुर मार्ग की बदहाली के खिलाफ विधायक डॉ. दोगने की पैदल यात्रा हरदा: प्रताड़ना से परेशान स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी ने सल्फास खाया, इलाज के दौरान मौत, चार लोगो पर लग... अलीगढ़ में युवक से बर्बरता का आरोप, पेड़ से बांधकर पीटा और आधा सिर मुंडवाया महिला से संबंध के शक में... हंडिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई: वेयरहाउस से चोरी हुए 6 कट्टी चना बरामद, 3 आरोपी गिरफ्तार हरदा से बड़ी खबर : रहटगांव में दो घटनाओं से सनसनी: अजनाल नदी किनारे मिला कंकाल, बड़झिरी-बोबदा के बीच... आज 27 सितंबर रविवार को देश का मौसम - उत्तर भारत में झमाझम बारिश का अलर्ट आज 27 सितंबर, रविवार सुबह की देश-दुनिया की 10 बड़ी खबरें एक नजर में मकडाई एक्सप्रेस 24 के साथ विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने में प्रतिभा की अहम भूमिका- केंद्रीय राज्य मंत्री उइके खुशियों की दास्तां : पीएम स्वनिधि योजना बनी सहारा, चने-फुटाने का ठेला लगाने वाले फूलचंद कहार की बदली...

ब्रेकिंग न्यूज़: 10 इनामी नक्सलियों का बड़ा आत्मसमर्पण

CM डॉ. मोहन यादव के सामने किया सरेंडर

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 बालाघाट। जिले में नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता मिली है। कान्हा भोरमदेव डिवीजन के 10 वांछित नक्सलियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में आत्मसमर्पण कर दिया। सभी मिलाकर इन पर 2 करोड़ 36 लाख रुपये का इनाम घोषित था। कार्यक्रम पुलिस लाइन में आयोजित किया गया, जहां नक्सलियों ने हथियार डालते हुए मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया।

 

सबसे वांछित ‘कबीर’ सहित 4 महिला नक्सली भी शामिल

 

आत्मसमर्पण करने वालों में 4 महिला नक्सली भी हैं। इनमें छत्तीसगढ़ के KB डिवीजन का बड़े स्तर का लीडर कबीर भी शामिल है, जिस पर 77 लाख रुपये का इनाम था। साथ ही एसीएम कबीर पर MP, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में कुल 62 लाख के इनाम की घोषणा थी।

 

नक्सलियों ने हथियारों का बड़ा जखीरा सौंपा

 

सरेंडर के दौरान नक्सलियों ने पुलिस को कई आधुनिक हथियार भी सौंपे, जिनमें शामिल हैं—

2 AK-47

2 INSAS

1 SLR

2 SSR

7 BGL सेल

4 वॉकी-टॉकी

ये हथियार लंबे समय से जंगल क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियों में उपयोग किए जा रहे थे।

 

बीट गार्ड बना पुल गुलाब उईके के माध्यम से हुआ संपर्क

 

- Install Android App -

नक्सलियों को आत्मसमर्पण की प्रक्रिया तक पहुंचाने में वन विभाग के बीट गार्ड गुलाब उईके की बड़ी भूमिका रही। उन्हीं के माध्यम से नक्सली IG संजय कुमार के संपर्क में आए। गुलाब उईके मुक्की रेंज के खापा बीट में पदस्थ हैं।

 

फोर्स का दबाव और सरकार की नीति से बढ़ा सरेंडर

 

पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि क्षेत्र में चल रहे ऑपरेशनों का लगातार दबाव नक्सलियों के सरेंडर का बड़ा कारण बना है।

उन्होंने कहा ग्रामीणों से माओवादियों को समर्थन नहीं मिल रहा है। पुनर्वास से पुनर्जीवन अभियान का प्रभाव दिख रहा है । मार्च 2026 तक बालाघाट को पूरी तरह नक्सल मुक्त करने का लक्ष्य है ।वर्तमान में जिले में केवल एक सक्रिय दल बचा है।

 

मुख्यमंत्री की सख्त चेतावनी—“सरेंडर करें, वरना खात्मे के लिए तैयार रहें”

 

समर्पण कार्यक्रम में CM डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री और गृहमंत्री द्वारा निर्धारित लक्ष्य की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

उन्होंने कहा जो नक्सली सरेंडर करेंगे, उन्हें पुनर्वास नीति के तहत पूरा लाभ मिलेगा

जरूरत पड़ी तो पॉलिसी से बढ़कर भी लाभ दिए जाएंगे

जो हथियार नहीं छोड़ेंगे, “वे अपने अंत के लिए तैयार रहें”

तय समय सीमा के भीतर बचे नक्सलियों का सफाया किया जाएगा । मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट सहित कान्हा क्षेत्र अब नक्सल मुक्त होने की दिशा में निर्णायक मोड़ ले चुका है।

 

35 साल पुरानी नक्सल समस्या खत्म होने की ओर

 

बालाघाट में 1990 से चल रही नक्सली समस्या अब अंतिम दौर में पहुंच रही है। यह घटना मध्यप्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा सामूहिक आत्मसमर्पण माना जा रहा है।इससे पहले 1 नवंबर 2025 को नक्सली सुनीता ओयाम ने सरेंडर किया था। उसके बाद एक एंटी-नक्सल ऑपरेशन में इंस्पेक्टर आशीष शर्मा ने शहादत दी थी।

 

आगे की संभावना कान्हा क्षेत्र लगभग खाली, जल्द पूरे जिले में शांति

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलियों का नेटवर्क लगभग टूट चुका है और कान्हा क्षेत्र का अधिकतर हिस्सा साफ हो गया है। आने वाले महीनों में स्थिति और बेहतर होने की उम्मीद है।