सड़कें और रहवासी क्षेत्र जलमग्न, कई पुल-पुलियों पर यातायात प्रभावित — अब तक करीब 5 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गया
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 | छत्तीसगढ़। प्रदेश में 24 और 25 सितंबर को हुई लगातार बारिश के बाद कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। नॉर्थ-ईस्ट मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के ऊपर बने डीप डिप्रेशन के कारण करीब 72 घंटे तक तेज बारिश हुई। इसके चलते रायपुर, दुर्ग, धमतरी, बालोद समेत कई जिलों में नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा और निचले इलाकों में पानी भर गया।
रायपुर: महादेव घाट पुल जलमग्न
रायपुर में खारून नदी खतरे के निशान से करीब 4 फीट ऊपर बह रही है। महादेव घाट का लक्ष्मण झूला और एप्रोच रोड पानी में डूब गए हैं। रायपुर से दुर्ग वाया महादेव घाट मार्ग पर यातायात बंद कर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी है। इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है।
दुर्ग: पुलगांव रोड पर 2 से 3 फीट पानी
दुर्ग के पुलगांव रोड, बालोद-दुर्ग मार्ग और रायपुर-भिलाई रोड के कई हिस्सों में पानी भर गया है। अमलेश्वर और खुडमुड़ा गांवों के करीब 200 घरों में पानी घुसने की जानकारी है। पुलगांव बस स्टैंड भी जलमग्न हो गया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात को अंजोरा बायपास–पुलगांव–आंदा–रिसामा मार्ग से डायवर्ट किया गया है।
धमतरी: गंगरेल डैम के गेट खोले गए
धमतरी के गंगरेल डैम में लगातार पानी की आवक बढ़ने के बाद सभी गेट खोले गए हैं। डैम के बीच स्थित गंगरेल वाले हनुमान मंदिर का अधिकांश हिस्सा पानी में डूब गया है और केवल मंदिर का ऊपरी हिस्सा व ध्वज दिखाई देने की जानकारी सामने आई है।
करीब 5 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गया
बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक करीब 5 हजार लोगों को सुरक्षित निकाले जाने की जानकारी है। दुर्ग में 764 लोगों को 16 राहत शिविरों में ठहराया गया है। रायपुर के अभनपुर क्षेत्र के नवापारा, नेहरू घाट और परागांव में करीब 2 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया। बलौदाबाजार में 120 लोगों तथा बस्तर के नारायणपुर में 9 परिवारों को सुरक्षित निकाले जाने की जानकारी है।
बाढ़ से 2 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जिनमें एक व्यक्ति का शव मिलने की बात कही गई है।
27 सितंबर से बड़े मौसम अलर्ट में राहत
IMD रायपुर केंद्र के अनुसार 27 सितंबर के लिए कोई चेतावनी (No Warning) जारी नहीं की गई है। 27 सितंबर से 3 अक्टूबर तक भी कोई बड़ा मौसम अलर्ट नहीं बताया गया है। डीप डिप्रेशन अब मध्यप्रदेश की ओर बढ़ गया है। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बिजली चमकने की संभावना बनी रह सकती है।
प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।

