भोपाल। मध्यप्रदेश में प्रदेश सरकार के नगरीय प्रशासन विभाग की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी इन दिनों सुर्खियों में हैं। उनका परिवार गांजा तस्करी में लिप्त पाया गया है। राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के भाई अनिल बागरी और बहनोई शैलेंद्र को पुलिस ने गिरफ़्तार किया है। इस प्रकरण से राज्य की बीजेपी सरकार चिंतित हो उठी है। कांग्रेस राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी से इस्तीफे की मांग कर रही है। इस मुद्दे पर राज्य सरकार पर भी लगातार प्रहार किए जा रहे हैं। कांग्रेस के बेहद हमलावर रुख को देखते हुए अब बीजेपी संगठन आगे आया है। संगठन नेताओं ने सख्ती दिखाते हुए राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी से मामले पर न केवल सफाई मांगी बल्कि उनकी भूमिका पर भी सवाल उठाए। बताया जा रहा है कि पार्टी के कड़े तेवर से मंत्री की निराशा बढ़ गई है।
सतना जिले की रैगांव विधानसभा की विधायक व प्रदेश की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी अपने परिवार के कारण मुश्किलों से घिर गई हैं। उनके भाई व बहनोई को तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। कांग्रेस और मीडिया का दबाव बढ़ा तो राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने दोनों से पल्ला झाड़ लिया और साफ कह दिया कि मेरा उनसे कोई संबंध नहीं है। हालांकि उनकी इस सफाई पर कोई यकीन करने के लिए तैयार नहीं दिख रहा।
पार्टी ने सख्त लहजा अपनाते हुए प्रकरण में सफाई मांगी
खासकर पार्टी में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी पर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल इस मुद्दे पर बीजेपी विरोधियों के निशाने पर है। पार्टी को जवाब देना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में प्रदेश बीजेपी ने कड़े तेवर अपना लिए हैं। पार्टी नेताओं ने मंत्री प्रतिमा बागरी के प्रति सख्त लहजा अपनाते हुए इस प्रकरण में उनसे सफाई मांगी। बीजेपी संगठन का वरिष्ठ नेतृत्व मंत्री की इस बात से कतई सहमत नहीं है कि तस्करी जैसे अपराधों से उनका कोई वास्ता नहीं है। भाई और बहनोई अपने कृत्यों के लिए खुद जिम्मेदार हैं।

