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खंडवा : भूमिपूजन कार्यक्रम बना विवाद का केंद्र, जिला पंचायत अध्यक्ष ने CEO पर लगाए आरोप

खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में जनपद पंचायत भवन के भूमिपूजन कार्यक्रम ने अब राजनीतिक नहीं बल्कि प्रशासनिक भूचाल खड़ा कर दिया है। कार्यक्रम के पत्र सामने आने के बाद यह साफ हो गया है कि मामला साधारण भूल नहीं, बल्कि सीधे प्रोटोकॉल उल्लंघन और पद-गरिमा के हनन से जुड़ा है।

भूमिपूजन कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र में विधायक को अध्यक्षता
31दिसंबर 2025 को आयोजित जनपद पंचायत खंडवा के नवीन भवन भूमिपूजन कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र में सांसद को मुख्य अतिथि और विधायक को अध्यक्षता दी गई, जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी सुदेश वानखेड़े, जो कि राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त संवैधानिक पद पर हैं, उन्हें विशिष्ट अतिथि की सूची में तीसरे क्रम पर डाल दिया गया। यही नहीं, मंच और कार्ड—दोनों में यही क्रम दोहराया गया।

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जिला पंचायत अध्यक्ष ने बताया खुद का अपमान
इस पूरे मामले को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष ने आयुक्त इंदौर संभाग और कलेक्टर खंडवा को शिकायत पत्र भेजा है। पत्र में सीधे-सीधे जनपद पंचायत खंडवा की प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी निकिता मंडलोई पर शासकीय प्रोटोकॉल के उल्लंघन और जानबूझकर अपमान करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

शिकायत में स्पष्ट कहा गया है कि जनपद पंचायत, जिला पंचायत के अधीन संस्था है, ऐसे में कार्यक्रम की अध्यक्षता का अधिकार जिला पंचायत अध्यक्ष को होना चाहिए था। इसके बावजूद उन्हें नीचे दिखाना न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि और संवैधानिक पद का सार्वजनिक अपमान भी है।

पत्र में CEO निकिता मंडलोई के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने, अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति रोकने की मांग की गई है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस गंभीर प्रोटोकॉल उल्लंघन पर कार्रवाई करेगा या यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा? खंडवा की राजनीति और प्रशासन दोनों की निगाहें अब इस एक फैसले पर टिकी हैं।