jhankar
ब्रेकिंग
अल-कायदा की नई धमकी अमेरिकी और इजरायली विमानों पर 9/11 जैसे हमले की अपील, फ्लाईदुबई घटना की तारीफ क... कवरेज से लौट रहे पत्रकार संतोष चंदेल सड़क हादसे में घायल किसानों के खेत से मोटर के स्टार्टर और केबल चोरी, चार किसानों ने थाने में दिया आवेदन,अज्ञात चोरों पर ... सेवा सेतु अभियान के तहत ग्राम सतवासा में लगा ग्रामीण शिविर नवरात्रि से पहले सलकनपुर पैदल मार्ग का पत्रकारों ने किया निरीक्षण देवास जिले का लाल 21 साल देश सेवा कर लौटा, मां ने आरती उतारी तो छलक पड़े खुशी के आंसू; हरदा में हुआ ... हंडिया : घर को मंदिर बनाने के लिए प्रेम, विश्वास और सम्मान जरूरी,,,,,, सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य आमजन को योजनाओं और सेवाओं का समय पर लाभ पहुंचाना - केंद्रीय राज्य मंत... रांची में होटलों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई में 14 लोग गिरफ्तार,एसएसपी के निर्देश पर नाइट रेड राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 :  चुनाव में भड़काऊ प्रचार पर प्रशासन सख्त, सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नज...

हंडिया : श्री गुरुद्वारा साहिब हंडिया में खत्री समाज की महिलाओं ने श्रद्धा से मनाया कुमकुम-हल्दी उत्सव,,,

हंडिया।श्री गुरुद्वारा साहिब हंडिया में आज खत्री समाज की महिलाओं द्वारा कुमकुम-हल्दी उत्सव अत्यंत श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। गुरु साहिब की पावन छत्रछाया में आयोजित इस पवित्र आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त रूप से अभिव्यक्त किया।

आयोजन के दौरान समाज की महिलाओं ने एक-दूसरे को कुमकुम एवं हल्दी अर्पित कर सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं अखंड सौभाग्य की मंगल कामनाएँ कीं। इस अवसर पर संपूर्ण गुरुद्वारा परिसर भक्ति भाव, संस्कार और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया।

महिलाओं ने पारंपरिक गीतों एवं मं के माध्यम से उत्सव को जीवंत एवं स्मरणीय बनाया। वरिष्ठ महिलाओं ने कुमकुम-हल्दी पर्व की सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नारी शक्ति को एक सूत्र में बांधने के साथ-साथ समाज में प्रेम, एकता और सद्भाव को मजबूत करते हैं।

- Install Android App -

कार्यक्रम के समापन पर सभी महिलाओं ने गुरु ग्रंथ साहिब के चरणों में मत्था टेककर हंडिया नगर सहित समस्त क्षेत्र की सुख-शांति, खुशहाली एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

उल्लेखनीय है कि श्री गुरुद्वारा साहिब हंडिया का ऐतिहासिक महत्व अत्यंत गौरवपूर्ण है। मान्यताओं के अनुसार दसवें गुरु, श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज ने अपने प्रवास के दौरान यहां रात्रि विश्राम किया था, जिससे यह पावन स्थल सिख धर्म की ऐतिहासिक धरोहर के रूप में प्रतिष्ठित है।

यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि खत्री समाज की एकजुटता, सांस्कृतिक गरिमा और सामाजिक चेतना को भी प्रभावशाली रूप से दर्शाता नजर आया।