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ट्रंप के बदले तेवर: ईरान को कहा ‘थैंक्यू’, क्या बदल रहे हैं अमेरिका-ईरान के समीकरण…?

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 दिल्ली। विदेशी मीडिया सूत्रो के हवाले से खबर निकल कर आ रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच दशकों से चली आ रही तल्खी में एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ आया है। अपनी सख्त बयानबाजी और ‘मैक्सिमम प्रेशर’ नीति के लिए जाने जाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान सरकार के एक मानवीय फैसले का स्वागत करते हुए उन्हें सार्वजनिक रूप से ‘धन्यवाद’ कहा है।

800 लोगों की फांसी टालने पर जताई खुशी

यह पूरा मामला ईरान में चल रहे व्यापक विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा है। ईरानी सरकार ने हाल ही में जेल में बंद 800 से अधिक प्रदर्शनकारियों की फांसी की सजा को रद्द करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इसी फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा:

> “मैं इस बात का बहुत सम्मान करता हूँ कि ईरान के नेतृत्व ने निर्धारित फांसी की सजाओं को रद्द कर दिया है। धन्यवाद!”

धमकियों के बाद कूटनीतिक नरमी

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विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रंप का यह ट्वीट किसी बड़े कूटनीतिक बदलाव का संकेत हो सकता है। इससे पहले, ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों का खुला समर्थन किया था और ईरान को चेतावनी दी थी कि मानवाधिकारों के उल्लंघन पर उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। ईरानी आंकड़ों के मुताबिक, इन प्रदर्शनों में अब तक 2,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 10,000 से अधिक लोग हिरासत में हैं।

क्या पर्दे के पीछे चल रही है कोई बातचीत…?

ईरान द्वारा एक साथ इतनी बड़ी संख्या में फांसी की सजा टालना और उस पर ट्रंप की सकारात्मक प्रतिक्रिया, अंतरराष्ट्रीय गलियारों में नई चर्चा छेड़ चुकी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह अंतरराष्ट्रीय दबाव का असर हो सकता है या फिर दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारने के लिए बैक-चैनल वार्ता की शुरुआत।

निष्कर्ष: भविष्य की राह

ट्रंप का ‘थैंक्यू’ संदेश न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि यह संकेत भी देता है कि भविष्य में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम हो सकता है। हालांकि, अभी यह देखना बाकी है कि क्या यह नरमी केवल मानवाधिकारों के मुद्दे तक सीमित है या फिर यह परमाणु समझौते और अन्य प्रतिबंधों पर भी कोई नया रुख लेकर आएगी।