नई दिल्ली। इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट की दिग्गज कंपनी टेस्ला कंपनी अपनी दो आइकॉनिक इलेक्ट्रिक कारों के मॉडल एस और एक्स को बंद करने की तैयारी कर रही है। इन दोनों मॉडलों ने कंपनी को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत ईवी ब्रांड बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। ऐसे में इनकी विदाई को टेस्ला के एक युग के अंत के तौर पर देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, टेस्ला आने वाले महीनों में मॉडल एस सेडान और मॉडल एक्स एसयूवी का प्रोडक्शन चरणबद्ध तरीके से कम करेगी। कई देशों में इन कारों के कुछ वैरिएंट्स की बुकिंग पहले ही सीमित कर दी गई है। कंपनी मौजूदा ऑर्डर्स को पूरा करने के बाद इन्हें धीरे-धीरे अपने पोर्टफोलियो से हटाने की योजना पर काम कर रही है, ताकि ग्राहकों और ब्रांड इमेज पर नकारात्मक असर न पड़े। इस फैसले की सबसे बड़ी वजह इन मॉडलों की घटती बिक्री और ऊंची मैन्युफैक्चरिंग लागत बताई जा रही है। टेस्ला की कुल ग्लोबल सेल्स में अब मॉडल 3 और मॉडल वाय का दबदबा है, जो ज्यादा किफायती होने के साथ बड़े पैमाने पर बिकते हैं। मॉडल एस करीब 650 किलोमीटर तक की क्लेम्ड रेंज देती है और इसके परफॉर्मेंस वैरिएंट्स 0 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तीन सेकेंड से भी कम समय में पकड़ लेते हैं।
वहीं मॉडल एक्स एक 7-सीटर लग्जरी एसयूवी है, जो लगभग 580 किलोमीटर की रेंज ऑफर करती है और अपने फेमस फाल्कन-विंग डोर्स के लिए जानी जाती है। इसके बावजूद सीमित बिक्री ने इन्हें टेस्ला के भविष्य की रणनीति से बाहर कर दिया है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कीमतों पर दबाव के चलते कंपनी उन मॉडलों पर फोकस करना चाहती है, जिनसे बेहतर मुनाफा और ज्यादा वॉल्यूम मिल सके।

