हरदा /विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने द्वारा किसानों के हितों को दृष्टिगत रखते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित कर खरीफ ऋण जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने की मांग की गई है।हरदा विधायक डॉ. दोगने द्वारा प्रेषित किए गए पत्र में लेख किया गया है कि किसानों के द्वारा प्रतिवर्ष कृषि कार्य हेतु जिला सहकारी बैंकों से ऋण लिया जाता है।
जो कि शासन द्वारा शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर दिया जाता है। वर्ष 2025-26 के लिए उक्त ऋण जमा करने की अंतिम तिथि दिनांक 28/03/2026 निर्धारित की गई है। वर्तमान परिस्थितियों में गेहूं उपार्जन प्रक्रिया दिनांक 01/04/2026 से प्रारंभ होना निर्धारित है। जिसके कारण अधिकांश किसानों द्वारा अभी तक अपनी उपज का विक्रय नहीं कर पाए हैं।
विशेषकर छोटे एवं सीमांत कृषक फसल विक्रय के उपरांत ही ऋण चुकाने में सक्षम होते हैं। ऐसी स्थिति में निर्धारित तिथि तक ऋण जमा न हो पाने के कारण बड़ी संख्या में कृषकों के डिफॉल्टर घोषित होने की गंभीर संभावना निर्मित हो रही है। जिससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, बल्कि भविष्य में उन्हें सहकारी संस्थाओं से ऋण प्राप्त करने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।
यह स्थिति किसानों के हित में अत्यंत चिंताजनक है। इस हेतु मैं आपसें मांग करता हँू कि उक्त विषय की गंभीरता को और कृषकों के हित को दृष्टिगत रखते हुए खरीफ ऋण जमा करने की अंतिम तिथि में संशोधन करते हुए इसे बढ़ाकर दिनांक 20 मई 2026 निर्धारित करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करे।

