4 अप्रैल, 2026 की ताज़ा सराफा बाजार रिपोर्ट
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 नई दिल्ली | 4 अप्रैल, 2026 भारतीय सर्राफा बाजार में आज सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी दर्ज की गई है। वैश्विक अनिश्चितता और घरेलू मांग के चलते 24 कैरेट सोने का भाव अब 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। वहीं, दूसरी ओर चांदी की कीमतों में गिरावट का दौर जारी है, जिससे निवेशकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
प्रमुख शहरों में सोने के भाव: दिल्ली और चेन्नई सबसे महंगे
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज सुबह 24 कैरेट सोने की कीमतों में बढ़त देखी गई। दिल्ली के साथ-साथ चेन्नई में भी कीमतें देश के अन्य हिस्सों के मुकाबले अधिक बनी हुई हैं।
शहर 24 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) 22 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम)
दिल्ली- 24 कैरेट ₹151,090 और 22 कैरेट ₹138,510 प्रति तोला है।
चेन्नई में 24 कैरेट सोना ₹151,100 और 22 केरेट सोना ₹138,510 प्रति तोला है।
मुंबई में 24 केरेट ₹150,940₹ 22 कैरेट 138,360 प्रति तोला है।
कोलकाता 24 कैरेट सोना ₹150,940₹ 22 कैरेट 138,360 प्रति तोला है।वही बेंगलुरु/पुणे24 केरेट ₹150,940 और 22 कैरेट सोना ₹138,360 प्रति तोला है।
चांदी की कीमतों में गिरावट: 4 लाख के स्तर से काफी नीचे
सोने के विपरीत, चांदी के बाजार में नरमी का रुख है। आज सुबह चांदी की कीमत ₹249,900 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। गौरतलब है कि इस साल जनवरी में चांदी ने 4 लाख रुपये का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया था, लेकिन तब से इसमें लगातार सुधार (गिरावट) देखा जा रहा है। दिल्ली में कल के मुकाबले कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव के साथ बाजार अभी भी दबाव में नजर आ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल
वैश्विक स्तर पर भी पीली धातु (Gold) मजबूत स्थिति में बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का हाजिर भाव (Spot Price) $4,591.52 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। वहीं, चांदी की अंतरराष्ट्रीय कीमत $69.57 प्रति औंस के स्तर पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य-पूर्व (West Asia) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे कीमतों को सहारा मिल रहा है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह ?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में मौजूदा तेजी अल्पावधि (Short term) में जारी रह सकती है। हालांकि, चांदी में आई गिरावट उन खरीदारों के लिए एक अवसर हो सकती है जो लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं। शादियों के सीजन की शुरुआत के कारण आने वाले हफ्तों में घरेलू मांग और बढ़ने की उम्मीद है, जिससे खुदरा कीमतों पर असर पड़ सकता है।

