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MP BIG NEWS: एंब्रोसिया सीड्स प्रोड्यूसर प्रालि जिसने समर्थन मूल्य 8,768 रु. क्विंटल वाली मूंग को 25,000 रु. क्विंटल के भाव पर ‘रिसर्च बीज’ बताकर बाजार में उतारा, किसानों को लुटा, शिकायत के 17 दिन बाद भी नहीं हुई FIR दर्ज ।

हरदा। किसान आक्रोश मोर्चा सुभाष जांगू ,शैलेन्द्र वर्मा,शोवीत राजपूत आदि ने हरदा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर एंब्रोसिया सीड्स प्रोड्यूसर प्रालि के डीलर पर कार्यवाही की मांग की।

शिकायत में बताया कि संबंधित फर्म कि लिखित शिकायत के 17 दिन बीते जाने के बाद एंब्रोसिया सीड्स पर क्या कार्रवाई हुई यह जानकारी बताएं

ज्ञापन में मांग की है कि एंब्रोसिया सीड्स प्रोड्यूसर प्रालि. द्वारा किसानों को मूंग रिसर्च वैरायटी के नाम पर अधिक मूल्य पर बीज विक्रय किए जाने की शिकायत एवं उचित कार्यवाही एक आवेदन हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जैन को दिया गया था ।

 

जांच की मांग कि गई थी लेकिन करीब 17 दिन बीत जाने के बाद भी संबंधित फर्म पर कोई भी जांच पड़ताल नहीं की गई है । संबंधित कंपनी के गोदाम पर भी कोई जांच पड़ताल नहीं की गई है । एंब्रोसिया सीड्स प्रोड्यूसर प्रालि. द्वारा किसानों को मूंग रिसर्च वैरायटी के नाम पर अधिक मूल्य पर बीज विक्रय किए जाने की शिकायत एवं उचित कार्यवाही हेतु जो मांग की गई थी उसमें जांच में क्या निकला उसे सार्वजनिक करने की मांग की गई है । गौरतलब है कि बीज का प्रिंसिपल सर्टिफिकेट (PC) एक आधिकारिक दस्तावेज है जो बीज उत्पादक या अधिकृत वितरक द्वारा डीलर को दिया जाता है, जो यह प्रमाणित करता है कि डीलर प्रामाणिक बीज बेचने के लिए अधिकृत है। यह बीज का व्यवसाय, जैसे सोयाबीन, गेहूं, धान आदि, शुरू करने के लिए आवश्यक लाइसेंस प्राप्त करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है। हरदा की एंब्रोसिया सीड्स प्रोड्यूसर प्रालि जिसने समर्थन मूल्य 8,768 रु. क्विंटल वाली मूंग को 25,000 रु. क्विंटल के भाव पर ‘रिसर्च बीज’ बताकर बाजार में उतार दिया था । जांच में कंपनी ने बिना पीसी के हरदा, नर्मदापुरम और इंदौर में बीज बेचने की बात सामने आई है।

 

कंपनी द्वारा बिना सर्टिफिकेट के चार गुना दामों पर महंगे बीज बेचे गए हैं कंपनी के सभी संचालकों पर एफआईआर दर्ज की जाए इसके साथ ही कंपनी बिलो और जीएसटी रिकॉर्ड की पड़ताल की जाए ताकि सारा घोटाला सामने आ सके । बीज की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और नकली बीजों की बिक्री को रोकना प्रशासन का कार्य है ।

 

संबंधित कंपनी द्वारा बिना सर्टिफाइड दस्तावेजों के मूंग मक्का सोयाबीन सरसों गेहूं के बीज चार गुना दामों पर बेचे गए हैं यह सीधा-सीधा किसानों से लूट है और एक गंभीर अपराध है ।

 

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संबंधितों पर अपराधिक मामले दर्ज किये जाए एवं गोदाम को सील किया जाए ताकि इस प्रकार बिना मानक स्तर का बीज महंगे दामों में बाजार में ना बिके और किसानों को आर्थिक नुकसान ना हो । संबंधित फर्म पर बिना सर्टिफाइड बीज बेचने के चलते सख्त कार्रवाई का प्रावधान कानून में है । नए कानूनों के तहत, 30 लाख रुपये तक का जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान किया गया है। दोषी डीलरों के लाइसेंस रद्द कर, अचानक छापेमारी, सैंपल की जांच और दुकानों/फैक्ट्रियों को सील करने का नियम है । एंब्रोसिया सीड्स प्रोड्यूसर प्रालि. द्वारा किसानों को मूंग रिसर्च वैरायटी के नाम पर अधिक मूल्य पर बीज विक्रय किए जाने की शिकायत एवं उचित कार्यवाही एक आवेदन हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जैन को दिया गया था ।

 

जांच की मांग कि गई थी लेकिन करीब 17 दिन बीत जाने के बाद भी संबंधित फर्म पर कोई भी जांच पड़ताल नहीं की गई है । संबंधित कंपनी के गोदाम पर भी कोई जांच पड़ताल नहीं की गई है । एंब्रोसिया सीड्स प्रोड्यूसर प्रालि. द्वारा किसानों को मूंग रिसर्च वैरायटी के नाम पर अधिक मूल्य पर बीज विक्रय किए जाने की शिकायत एवं उचित कार्यवाही हेतु जो मांग की गई थी उसमें जांच में क्या निकला उसे सार्वजनिक करने की मांग की गई है ।

 

गौरतलब है कि बीज का प्रिंसिपल सर्टिफिकेट (PC) एक आधिकारिक दस्तावेज है जो बीज उत्पादक या अधिकृत वितरक द्वारा डीलर को दिया जाता है, जो यह प्रमाणित करता है कि डीलर प्रामाणिक बीज बेचने के लिए अधिकृत है।

 

यह बीज का व्यवसाय, जैसे सोयाबीन, गेहूं, धान आदि, शुरू करने के लिए आवश्यक लाइसेंस प्राप्त करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है। हरदा की एंब्रोसिया सीड्स प्रोड्यूसर प्रालि जिसने समर्थन मूल्य 8,768 रु. क्विंटल वाली मूंग को 25,000 रु. क्विंटल के भाव पर ‘रिसर्च बीज’ बताकर बाजार में उतार दिया था ।

 

जांच में कंपनी ने बिना पीसी के हरदा, नर्मदापुरम और इंदौर में बीज बेचने की बात सामने आई है। कंपनी द्वारा बिना सर्टिफिकेट के चार गुना दामों पर महंगे बीज बेचे गए हैं कंपनी के सभी संचालकों पर एफआईआर दर्ज की जाए इसके साथ ही कंपनी बिलो और जीएसटी रिकॉर्ड की पड़ताल की जाए ताकि सारा घोटाला सामने आ सके । बीज की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और नकली बीजों की बिक्री को रोकना प्रशासन का कार्य है संबंधित कंपनी द्वारा बिना सर्टिफाइड दस्तावेजों के मूंग मक्का सोयाबीन सरसों गेहूं के बीज चार गुना दामों पर बेचे गए हैं यह सीधा-सीधा किसानों से लूट है और एक गंभीर अपराध है ।

 

संबंधितों पर अपराधिक मामले दर्ज किये जाए एवं गोदाम को सील किया जाए ताकि इस प्रकार बिना मानक स्तर का बीज महंगे दामों में बाजार में ना बिके और किसानों को आर्थिक नुकसान ना हो । संबंधित फर्म पर बिना सर्टिफाइड बीज बेचने के चलते सख्त कार्रवाई का प्रावधान कानून में है । नए कानूनों के तहत, 30 लाख रुपये तक का जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान किया गया है। दोषी डीलरों के लाइसेंस रद्द कर, अचानक छापेमारी, सैंपल की जांच और दुकानों/फैक्ट्रियों को सील करने का नियम है ।