हरदा उद्योग विभाग की साढ़े तीन एकड़ भूमि हुई गुम ! कलेक्टर हरदा से ढूंढने की लगाई गुहार! 14 साल में भी हाथ न आई गुम भूमि ! अतिक्रमण भी नहीं हुआ दूर!
हरदा । उद्योग विभाग ने वर्ष 2012 में कलेक्टर हरदा को अपनी भूमि पर अतिक्रमण होने की शिकायत की साथ ही पत्र में करीब साढ़े तीन एकड़ भूमि के गुम होने की बात कही है। मालूम हो उद्योग विभाग के लिए कृषकों से कुल 49.44 एकड़ भूमि अधिगृहित की गई थी । जिसमे उद्योग विभाग के पास रिकार्ड में 46.08 एकड़ ही दर्ज है। इस तरह करीब साढ़े तीन एकड़ भूमि को विभाग अभी भी तलाश रहा है।
इस पत्र पर कार्रवाई करते हुए जिला कलेक्टर द्वारा तहसीलदार को आदेशित करते हुए उक्त शिकायतों के शीघ्र निराकरण एवं कार्रवाई से अवगत कराने की बात कही गयी थी।
हैरानी की बात देखिये कि तहसीलदार द्वारा 2016 में 4 सदस्यीय टीम बनाने के बावजूद सीमांकन, अतिक्रमण व गुम हुई भूमि आज दिनांक तक उपलब्ध न हो सकी। बनाई टीम ने तहसीलदार के आदेश का पालन नहीं किया। इससे तत्समय कॉलोनाइजर द्वारा अतिक्रमण सम्बन्धी शिकायत का निराकरण न हो पाया। इस तरह कलेक्टर के आदेश की अवहेलना हुई ।
हैरानी की बात देखिये उद्योग विभाग का ऑफिस कलेक्टर कार्यालय के ठीक ऊपर स्थित है। पिछले एक साल से उद्योग विभाग की भूमि पर कार्यालय स्थित है। जो कलेक्टर कार्यालय के ठीक पीछे स्थित है। 2012 की शिकायत पर कलेक्टर कार्यालय से सरकारी विभाग को 2026 तक न्याय न मिल पाया है। 14 साल के शिकायत के वनवास ने मप्र सरकार और केंद्र सरकार के सुशासन पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। जब सरकारी दफ्तर ही प्रशासन से 14 साल से न्याय पाने से वंचित हैं । ऐसे में आम आदमी को न्याय मिलने और समय पर न्याय मिलने की बात कपोल कल्पित जान पड़ती है।
◆क्या है शिकायत पत्र –
कार्यालय – जिला व्यापार एंव उद्योग केन्द्र हरदा म०प्र०:
दिनांक-29.12.2012
प्रति श्रीमान
कलेक्टर महोदय,
कार्यालय कलेक्टर, जिला-हरदा म०प्र० ।
औद्यागिक क्षेत्र में अतिक्रमण बाबत ।
महोदयजी,
उपरोक्त विषय में निवेदन है कि औद्योगिक क्षेत्र हरदा की स्थापना वर्ष 1972 में. की गई है। मध्यप्रदेश का राजपत्र संलग्न है। औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना हेतु शासन द्वारा कुल 49.44 एकड भूमि अधिग्रहित कर विभाग को सौंपी गई थी। तथा उक्त भूमि 49.44 एकड का मुआवजा, सूची अनुसार कृषकों का भुगतान किया गया है। जिसकी छायाप्रति संलग्न है।.
वर्ष 2004-2005 नकल किश्तबंदी खतौनी अनुसार विभाग के खाते में 46.08 एकड भूमि कृषि उद्योग के नाम दर्ज है (नकल किश्तबंदी संलग्न है) आशय है कि विभाग के खाते में कुल 49.44 एकड़ के स्थान पर 46.08 एकड भूमि दर्ज है जो कि लगभग 3.46 एकड भूमि कम है। तत्संबंध में समय-समय पर औद्योगिक क्षेत्र के सीमाकंन हेतु पत्र द्वारा सूचित किया गया है।
कार्यालय के क्षेत्रिय सहायक प्रबंधक के द्वारा औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण किया गया है।
उनक कासरा अवगत कराया है कि औ०ओ० में भूखण्ड कमाक 51 से 61 नंबर में अनुमोदित ओपन लैण्ड एंव भूखण्ड कमांक 60 से 61 तक के रोड पर कालोनाइजर के द्वारा अतिक्रमण किया जाकर कॉलोनी का निर्माण किया जा रहा है
पूर्व से ही औद्योगिक क्षेत्र हेतु अधिग्रहित भूमि 49.44 एकड के स्थान पर 46.08 एाड भूमि दर्ज है जो लगभग 3.42 एकड कम है साथ ही कालोनाईजर द्वारा भी शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है। अतः निवेदन है कि औद्योगिक क्षेत्र हरदा का सीमाकंन कराना नितांत आवश्यक है साथ ही स्थिति स्पष्ट होने तक कालोनाईजर को कालोनी के निर्माण कार्य से रोका जाना आवश्यक है ।
संलग्न :- 1. मध्यप्रदेश का राजपत्र ।
1. खसरा किश्तबंदी ।
1. मुआवजा भुगतान की संबंधी पत्र एंव सूची ।
महाप्रबंधक जिला व्यापार एंव उद्योग केन्द्र हरदा दिनांक 29.12.2012
1. उद्योग आयुक्त, उद्योग संचालनालय न०प्र० भोपाल ।
2.अनुविभागीय अधिकारी राजस्य हरवा की और अवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित।
3,संयुक्त संचालक उद्योग, परिक्षेत्रिय उद्योग कार्यालय भोपाल ।
1. तहसीलदार हरदा की ओर सूचनार्थ एंव आवश्यत कार्यवाही हेतु प्रेषित ।
महाप्रबंधक जिला व्यापार
एंव उद्योग केन्द्र हरदा
◆ क्या हुई कार्रवाई –
न्यायालय तहसीलदार हरदा जिला हरदा म०प्र
हरदा दिनांक 04-08-2016
कमांक 6-51-001 / तह० / 2016
स्मरणपत्र प्रथम
प्रति,
1:- श्री संतोष पाराशर राजस्व निरीक्षक डायर्वसन
2:- राजस्व निरीक्षक नियमित हरदा
3:- राजस्व निरीक्षक नजूल हरदा
4:-श्री मूरतसिंह पटवारी हरदा
विषयः-औद्योगिक क्षेत्र हरदा में अतिक्रमण विषयक। एवं सीमांकन के संबंध मे।
संदर्भः-न्यायालयीन आदेश कमाक 1364/प्र01/ तह0/2016 हरदा दिनांक 09/6/2016
कृपया संदिर्भत आदेश का अवलोकन करें जिसमे दल गठन किया जाकर, औधोगिक भूमि का सीमांकन किया जाकर, अतिक्रमण कर्ताओं की वास्तविक जानकारी प्रस्तुत करने के लिये निर्देशित किया गया था, किन्तु आपके व्दारा आज दिनांक तक आदेश का पालन नहीं किया गया है, यह अत्यंत ही खेदजनक की स्थिति है आपके व्दारा न्यायालयीन आदेशो का भी समय मे पालन नही किया जाता है। जिससे वरिष्ठ कार्यालय से वार बार पत्राचार प्राप्त हो रहे।
तत्काल संदिर्भत आदेश का पालन करें एवं औधोगिक विभाग की भूमि का सीमांकन कर पालन प्रतिवेदन पंचनामा सहित तीन दिवस में अनिवार्य रूप से प्रेषित करना सुनिशचित करे।
तहसीलदार हरदा
कमांक 52-901/ तह0 / 2016 प्रतिलिपि :- 1
हरदा दिनांक 04-08-2016
:- कलेक्टर महोदय हरदा की ओर सूचनार्थ प्रेषित।
2:- अनुविभागीय अधिकारी महोदय हरदा की और सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित।
3 महाप्रबंधक उद्योग एवं व्यापार केन्द्र हरदा की ओर सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित।
4:- श्री राधारमण सहायक प्रबंधक उद्योग एवं व्यापर केन्द्र हरदा की ओर सूचनार्थ एवं पालनार्थ ।
5′- श्री आर० एस० चौहान सहायक उद्योग एवं व्यापार केन्द्र हरदा की ओर सूचनार्थ एव पालनार्थ।

