Big Breking News: कटनी जंगल में तालाब में घोला जहर तड़प तड़प के चीतल-सांभर समेत 14 वन्य जीव मरे, बाघों पर भी खतरा
जहर से 14 वन्यजीवों की मौत, 3 शिकारी गिरफ्तार
मकडाई एक्सप्रेस 24 कटनी । मध्य प्रदेश के कटनी जिले के विजयराघवगढ़ वन क्षेत्र में करौंदी-घुघरी के पास एक तालाब में जहर मिलाकर शिकार की वारदात सामने आई। शुक्रवार सुबह तालाब किनारे 12 चीतल और 2 सांभर मृत मिले। वन विभाग ने डॉग स्क्वाड की मदद से 3 आरोपियों को पकड़कर 14 दिन के रिमांड पर लिया है। उनसे पूछताछ जारी है कि इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो नहीं।
बाघ-तेंदुए पर मंडराया खतरा
कटनी के बरही और शाहडार जंगल बाघ-तेंदुओं का स्थाई ठिकाना हैं। कुआं बीट में अकेले 8 बाघों का मूवमेंट रहता है, बांधवगढ़ से भी बाघ आते-जाते हैं। गर्मी में प्यास बुझाने जंगल से लगे गांवों के जलस्रोतों पर वन्यजीव आते हैं। तालाब में जहर मिलने से अब बड़े वन्यजीवों की जान को भी खतरा बन गया है। वन विभाग ने तुरंत तालाब खाली कराया और आसपास निगरानी बढ़ा दी।
पहले भी हो चुकी है ऐसी वारदात
ये जिले की पहली घटना नहीं है। 2010-11 में ढीमरखेड़ा के करौंदी बीट में जलकुंड में जहर से तेंदुआ, चीतल, मोर मरे थे। इसी साल अप्रैल में ढीमरखेड़ा में करंट लगाकर शिकार करते 3 शिकारी पकड़े गए थे। बार-बार हो रही घटनाओं से साफ है कि जलस्रोतों के पास गश्त कमजोर थी।
वन विभाग अलर्ट, गश्त तेज
घटना के बाद DFO गर्वित गंगवार ने फील्ड स्टाफ को जलस्रोतों पर तैनात किया है। शनिवार को कर्मचारियों को पानी में जहर जांचने का प्रशिक्षण भी दिया गया ताकि गश्त के दौरान जहरीला पदार्थ पकड़ा जा सके। बड़वारा-बांधवगढ़ सीमा, शाहडार और बाघ-तेंदुए वाले सभी इलाकों में लगातार निगरानी हो रही है।
DFO का बयान : “आरोपियों से रिमांड पर पूछताछ चल रही है। बाघ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी है। जलस्रोतों के पास गश्त बढ़ाई गई है और अमले को पानी जांच की ट्रेनिंग दी गई है।”

