सिराली – शनिवार को ग्राम सालाबेडी में काम कर रहे नेमी विश्नोई के यहां गणेश कोरकू के पुत्र संजय कोरकू जो कि शनिवार सुबह 8:00 से अपने घर सालाबेडी से पांच दोस्तों के साथ सिराली की ओर घूमने आए थे दोस्तों ने संजय को नशा कराकर शासकीय अस्पताल सिराली के पास छोड़ दिया। आदिवासी बालक लगभग 4 घंटे तक लगातार रोता हुआ मिला, जिससे आसपास के लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। लोगों ने बालक से बातचीत कर उसकी जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया। लेकिन बालक द्वारा जानकारी सही नहीं बताई गई।
कुछ समय बाद सिराली क्षेत्र के युवा समाजसेवी अजय मंडलेकर ने लापता बालक को नाश्ता कराया व व्यवहार कुशल जानकारी प्राप्त की अपना नाम संजय, पिता का नाम गणेश कोरकू तथा ग्राम सालावेड़ी बताया।
बालक ने बताया कि वह सुबह करीब 8 बजे अपने 5 दोस्तों के साथ सिराली की और आया था, लेकिन उसके साथी उसे छोड़कर चले गए, जिसके बाद वह अस्पताल के पास अकेला रह गया।
मामले की जानकारी मिलने पर युवा समाजसेवी अजय मंडलेकर एवं अन्य स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बालक के परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया। इस दौरान मंडलेकर ने ग्राम सालाबेडी के विश्नोई जी से फोन पर संपर्क किया। विश्नोई जी ने बताया कि बालक के पिता उनके यहां बरसुद में कार्य करते हैं। उन्होंने बालक को सुरक्षित अस्पताल के पास ही रोककर रखने का आग्रह किया और उसके पिता को तत्काल भेजने की जानकारी दी।
कुछ समय बाद बालक के पिता गणेश कोरकू सिराली अस्पताल के पास मौके पर पहुंचे। आवश्यक पुष्टि के बाद बालक को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया । बालक के परिजनों तक सुरक्षित पहुंचने पर उपस्थित लोगों ने राहत की सांस ली। इस अवसर पर युवा समाजसेवी आशीष सावले, रिंकू योगी , संजय योगी , संतोष नागले, राहुल यादव एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।

