हरदा: देवी-देवताओं और भारत माता के कथित अपमान के मामले में आरोपी बरी, कोर्ट ने कहा- अभियोजन आरोप साबित करने में विफल
हरदा। वर्ष 2019 में फेसबुक पोस्ट के माध्यम से देवी-देवताओं और भारत माता के कथित अपमान के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) हरदा ने आरोपी शेख मुईन को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
न्यायालय ने 14 जुलाई 2026 को सुनाए गए फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह असफल रहा।
मामला थाना हरदा में वर्ष 2020 में दर्ज किया गया था। आरोप था कि आरोपी ने फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट प्रकाशित कर धार्मिक भावनाएं आहत कीं और विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने का प्रयास किया।
मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए और 295ए के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि अभियोजन पक्ष यह प्रमाणित नहीं कर सका कि विवादित पोस्ट वास्तव में आरोपी के फेसबुक अकाउंट से की गई थी। फैसले में उल्लेख किया गया कि मामले में जब्त मोबाइल का वैज्ञानिक परीक्षण (एफएसएल) नहीं कराया गया, पोस्ट के प्रिंटआउट किस डिवाइस से निकाले गए इसकी पुष्टि नहीं हुई और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच भी पर्याप्त नहीं थी।
न्यायालय ने यह भी माना कि प्रमुख गवाहों के बयानों में कई महत्वपूर्ण विरोधाभास थे। कुछ गवाहों ने विवादित पोस्ट स्वयं देखने से इनकार किया, जबकि विवेचना के दौरान इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की कड़ी भी स्थापित नहीं हो सकी।
इसके अलावा, घटना के समय शहर में किसी प्रकार के सांप्रदायिक तनाव या अशांति के ठोस प्रमाण भी प्रस्तुत नहीं किए गए।
इन सभी तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने निष्कर्ष निकाला कि अभियोजन आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को संदेह से परे सिद्ध नहीं कर पाया। परिणामस्वरूप आरोपी शेख मुईन को दोषमुक्त कर दिया गया

