हरदा। समर्थन मूल्य पर ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर किसानों के आंदोलन के बाद अब कानूनी कार्रवाई भी शुरू हो गई है। 15 जुलाई को इंदौर-बैतूल नेशनल हाईवे पर हुए 12 घंटे के चक्काजाम मामले में पुलिस ने किसान संगठन से जुड़े सात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
जानकारी के अनुसार, आम किसान यूनियन के नेतृत्व में किसानों ने पहले प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांगें रखीं और समयसीमा भी दी थी। मांगें पूरी नहीं होने पर किसानों ने हाईवे पर प्रदर्शन कर चक्काजाम किया, जिसके चलते यातायात प्रभावित हुआ और प्रशासन को वैकल्पिक मार्गों से वाहनों का संचालन करना पड़ा।
पुलिस ने इस मामले में संजय खेरवा, राम इनानिया, बसंत सारन, अशोक गुर्जर, करण चौधरी, गणेश पटेल और केदार सिरोही सहित सात लोगों को नामजद करते हुए प्रकरण दर्ज किया है।
दूसरी ओर, किसान नेताओं ने एफआईआर को आंदोलन दबाने की कार्रवाई बताया है। उनका कहना है कि किसानों की मांगें जायज़ हैं और यदि सरकार ने शीघ्र समाधान नहीं किया तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उनका आरोप है कि प्रशासन ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कारण उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा।

