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खरगोन: जर्जर स्कूल की जगह मंदिर में चल रही 35 बच्चों की पढ़ाई, जिले में 676 स्कूल भवन मरम्मत के इंतजार में

नवाबपुरा में असुरक्षित स्कूल भवन, मंदिर बना क्लासरूम

मकडा़ई एक्सप्रेस 24 खरगोन। जिले में सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति का मामला सामने आया है। जिला मुख्यालय से 4 किलोमीटर दूर सोनिपुरा ग्राम पंचायत के नवाबपुरा में शासकीय प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर हो चुका है। छत से प्लास्टर गिरने के कारण बच्चों की सुरक्षा को खतरा देखते हुए पिछले कई महीनों से यहां के 35 छात्र गांव के हनुमान मंदिर में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

प्रधान पाठक सुभाष सागोरे ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मौखिक अनुमति के बाद पहले बच्चों को 800 मीटर दूर पुराने स्कूल भवन में शिफ्ट किया गया था। लेकिन वहां केवल एक कक्षा उपयोग योग्य होने से कक्षा 1 से 5 तक के सभी बच्चों को एक साथ बैठाना संभव नहीं था।

ग्रामवासियों की सहमति से मंदिर में शुरू हुई कक्षा 4-5 की पढ़ाई

जगह की कमी के कारण गांव के वरिष्ठजनों और मंदिर समिति की सहमति से कक्षा चौथी और पांचवीं के विद्यार्थियों की पढ़ाई हनुमान मंदिर में शुरू की गई। प्रधान पाठक ने बताया कि मंदिर में केवल शनिवार को भीड़ होने पर पढ़ाई प्रभावित होती है, बाकी दिन बच्चे सहज माहौल में पढ़ रहे हैं।

विद्यालय में 35 बच्चे नामांकित हैं। छोटे बच्चे भी बड़े भाई-बहनों के साथ आ जाते हैं, जिससे एक ही कक्षा में सभी को बैठाना मुश्किल हो रहा था। इस वैकल्पिक व्यवस्था का मकसद पढ़ाई बाधित न हो और बच्चों की सुरक्षा बनी रहे।

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2003 में बना था स्कूल, फरवरी में हुई थी छत की मरम्मत

नवाबपुरा स्कूल का निर्माण 2003-04 में हुआ था। समय के साथ छत पूरी तरह जर्जर हो गई। शिकायत के बाद फरवरी में 2.78 लाख रुपये की लागत से छत का पुनर्निर्माण कराया गया, लेकिन प्लास्टर का काम अब तक पूरा नहीं हुआ है। काम पूरा होने तक बच्चों को पुराने भवन और मंदिर में ही पढ़ाया जा रहा है।

जिले में 676 स्कूल भवन क्षतिग्रस्त, केवल 41 की मरम्मत को स्वीकृति

सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना समन्वयक आनंद डावर ने बताया कि जिला कलेक्टर के निर्देश पर जर्जर भवनों में बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।

जिले में 139 स्कूल भवनों को अत्यधिक जर्जर मानकर ध्वस्त करने के लिए चिन्हित किया गया था, जिनमें से 109 भवन तोड़े जा चुके हैं। इसके अलावा लगभग 600 स्कूल भवनों में मरम्मत की जरूरत है।

स्कूल शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार खरगोन में 1,916 प्राथमिक और 679 माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें से 676 स्कूल भवन क्षतिग्रस्त हैं। मरम्मत के लिए राज्य शासन से राशि मांगी गई है, लेकिन अब तक केवल 41 स्कूलों की मरम्मत को स्वीकृति मिली है और राशि जारी नहीं हुई है। वहीं अत्यधिक जर्जर भवनों के स्थान पर 44 नए स्कूल भवनों के निर्माण की स्वीकृति भी मिल चुकी है।

डावर ने कहा कि नवाबपुरा स्कूल में प्लास्टर का शेष कार्य जल्द पूरा कराया जाएगा, जिसके बाद बच्चों को वापस उसी भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा।