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उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला: स्टाम्प वेंडर के वारिस लौटाएंगे 2.87 लाख रुपये, समय पर भुगतान नहीं करने पर 7% ब्याज भी देना होगा

हरदा। जिला उपभोक्ता  आयोग, हरदा ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए स्टाम्प वेंडर स्वर्गीय राकेश अग्रवाल के वैधानिक वारिसों को 2.87 लाख रुपये की राशि वापस करने का निर्देश दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में भुगतान नहीं होने की स्थिति में 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

मामले के अनुसार, हरदा के वार्ड क्रमांक 25, गली नंबर 1 निवासी नर्मदाप्रसाद गौर ने प्लॉट की रजिस्ट्री के लिए स्टाम्प वेंडर राकेश अग्रवाल को 2.87 लाख रुपये का भुगतान किया था। हालांकि रजिस्ट्री होने से पहले ही राकेश अग्रवाल का निधन हो गया और बाद में उनके परिजनों ने राशि लौटाने से इनकार कर दिया। इस पर नर्मदाप्रसाद गौर ने जिला उपभोक्ता आयोग की शरण ली।

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प्रकरण की सुनवाई के बाद आयोग के अध्यक्ष जे.पी. सिंह एवं सदस्य अंजलि जैन ने आदेश पारित करते हुए मृतक राकेश अग्रवाल की पत्नी रीना अग्रवाल और पुत्र लक्ष्य अग्रवाल को नर्मदाप्रसाद गौर को 2.87 लाख रुपये लौटाने का निर्देश दिया।

प्रकरण में पैरवी कर रहे अधिवक्ता दिनेश यादव ने बताया कि आयोग ने हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के प्रावधानों के आधार पर फैसला सुनाया। आयोग ने माना कि मृतक की पत्नी और पुत्र प्रथम श्रेणी के वैधानिक उत्तराधिकारी हैं, इसलिए राशि लौटाने की जिम्मेदारी उन्हीं की है।

आयोग ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं किया गया तो संबंधित पक्ष को 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ राशि का भुगतान करना होगा। यह आदेश 21 जुलाई 2026 को जारी किया गया।