किसानों के साथ ये कैसा मजाक? 70–80 रुपये प्रति एकड़ बीमा मिलने पर फूटा गुस्सा, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
मकड़ाई समाचार रहटगांव। हरदा जिले में फसल बीमा राशि के वितरण को लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। एक ओर जहां जिले के कई गांवों के किसानों को 6 हजार से 12 हजार रुपये प्रति एकड़ तक बीमा राशि मिली है, वहीं नजरपुरा और उमरधा के किसानों के खातों में महज 70 से 80 रुपये प्रति एकड़ की राशि पहुंची है। इसे लेकर किसानों ने बीमा सर्वे और भुगतान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
बुधवार को नजरपुरा एवं उमरधा के किसान रहटगांव तहसील पहुंचे और तहसीलदार के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने आरोप लगाया कि फसल नुकसान के बावजूद उन्हें नाममात्र की बीमा राशि दी गई है, जो उनके साथ अन्याय और मजाक है।
किसानों ने बताया कि वर्ष 2019 में भी उनके गांव के कई किसान फसल बीमा के लाभ से वंचित रह गए थे और अब 2026 में भी यही स्थिति दोहराई गई है। उनका कहना है कि सरकार और संबंधित एजेंसियों की लापरवाही के कारण किसानों के साथ लगातार भेदभाव हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि झाड़बिड़ा, छिरपुरा, पाढरमाटी सहित आसपास के अन्य गांवों के किसानों को 8 से 10 हजार रुपये प्रति एकड़, जबकि कुछ स्थानों पर 12 हजार रुपये प्रति एकड़ तक बीमा राशि मिली है। ऐसे में समान परिस्थितियों के बावजूद नजरपुरा और उमरधा के किसानों को केवल 70–80 रुपये प्रति एकड़ मिलना समझ से परे है।
किसानों ने मांग की कि फसल बीमा के लिए किए गए सर्वे की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और सर्वे करने वाली एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही वास्तविक नुकसान के आधार पर किसानों को उचित बीमा राशि का भुगतान किया जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान शशिकांत वर्मा, श्रीराम चौहान, जयराम चौहान, शुभम बाजोलिया, रामकृष्ण वर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

