विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने ने विधानसभा में उठाए हरदा के जनहित के बड़े मुद्दे मूंग खरीदी, सिंचाई, उद्योग, युवाओं, कानून व्यवस्था, फूड पार्क और जिला जेल सहित कई विषयों पर सरकार को घेरा
हरदा। मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के द्वितीय दिवस हरदा विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने ने जिले से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों को विधानसभा में मजबूती से उठाया। उन्होंने किसानों की मूंग फसल की समर्थन मूल्य पर खरीदी, आउटसोर्स कर्मचारियों के समय पर वेतन, सिंचाई परियोजनाओं, उद्योग, रोजगार, कानून व्यवस्था, शिक्षा, फूड पार्क और जिला जेल जैसी समस्याओं पर सरकार से जवाब मांगा तथा जनहित में आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
मूंग की 100% समर्थन मूल्य पर खरीदी की मांग
डॉ. दोगने ने कृषि मंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि हरदा सहित प्रदेश के किसान भारी लागत और मेहनत से ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन करते हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 25 प्रतिशत उपज ही समर्थन मूल्य पर खरीदी जा रही है। इससे किसानों को मजबूरन अपनी उपज कम कीमत पर बेचनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार से प्रदेशभर में मूंग की शत-प्रतिशत समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित करने की मांग की।
आउटसोर्स कर्मचारियों के समय पर वेतन का मुद्दा
विधायक ने उत्कृष्ट एवं मॉडल विद्यालयों में आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटरों के समय पर मानदेय नहीं मिलने का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा भुगतान होने के बावजूद एजेंसियां कर्मचारियों का वेतन समय पर नहीं देतीं, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने समयबद्ध भुगतान और लापरवाह एजेंसियों पर कार्रवाई की मांग की।
अवैध शराब और ओवररेटिंग पर सरकार से जवाब
विधानसभा में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में सरकार ने बताया कि हरदा जिले में वर्तमान में 18 कम्पोजिट शराब दुकानें संचालित हैं। वर्ष 2024-25 से जून 2026 तक 3,163 प्रकरण दर्ज किए गए। एमआरपी से अधिक कीमत पर शराब बेचने की 76 शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए 5 दुकानों पर 11.44 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। विभाग ने निरीक्षण के दौरान 2,808 प्रकरणों में कुल 58.69 लाख रुपये की शास्ति भी वसूल की।
गंजाल-मोरंड सिंचाई परियोजना की धीमी रफ्तार
मुख्यमंत्री के उत्तर के अनुसार गंजाल-मोरंड सिंचाई परियोजना की भौतिक प्रगति 48 प्रतिशत तथा वित्तीय प्रगति 45 प्रतिशत है। अब तक 964.45 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं जबकि 1,202.20 करोड़ रुपये की आवश्यकता शेष है। परियोजना पूरी होने पर हरदा जिले के 144 गांवों के 40,816 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
उद्योगों को लेकर भी उठाए सवाल
सरकार ने बताया कि हरदा जिले में एमएसएमई के तहत 3,482 उद्योग पंजीकृत हैं, जिनमें 3,442 सूक्ष्म, 35 लघु और 5 मध्यम उद्योग शामिल हैं। पिछले तीन वर्षों में केवल 3 नए लघु उद्योग स्थापित हुए हैं तथा वर्तमान में नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
फूड पार्क अब भी अधर में
डॉ. दोगने ने हरदा में घोषित फूड पार्क की स्थिति पर भी सरकार से जवाब मांगा। सरकार ने बताया कि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन पहुंच मार्ग, जल स्रोत और अतिरिक्त भूमि की समस्या के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी है। फिलहाल फूड पार्क के निर्माण की कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की गई है।
जिला जेल की बदहाल स्थिति
सरकार के जवाब में सामने आया कि हरदा जिला जेल की क्षमता 90 बंदियों की है, जबकि वर्तमान में वहां 227 बंदी निरुद्ध हैं। स्वीकृत 42 पदों में से 10 पद रिक्त हैं। पिछले तीन वर्षों में जेल के विकास कार्यों पर 1.05 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
डॉ. दोगने का बयान
विधानसभा में मिले जवाबों पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने ने कहा कि सरकार ने कई मुद्दों पर औपचारिक जवाब देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली, लेकिन हरदा की वास्तविक समस्याएं आज भी जस की तस हैं।
उन्होंने कहा कि किसान आज भी समर्थन मूल्य, खाद, भुगतान और सिंचाई जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है। तीन वर्षों में केवल तीन नए लघु उद्योग स्थापित होना सरकार की औद्योगिक नीति की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है। फूड पार्क की घोषणा वर्षों बाद भी धरातल पर नहीं उतर सकी है और जिला जेल अपनी क्षमता से ढाई गुना अधिक बंदियों का भार उठा रही है।
डॉ. दोगने ने कहा, “मैंने विधानसभा में केवल प्रश्न नहीं पूछे, बल्कि हरदा की जनता की आवाज सरकार तक मजबूती से पहुंचाई है। किसानों के अधिकार, युवाओं के रोजगार, सिंचाई परियोजनाओं, उद्योगों की स्थापना, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के हितों की लड़ाई मैं लगातार लड़ता रहूंगा। सरकार को कागजी जवाब नहीं, बल्कि जमीनी काम करके जनता को जवाब देना होगा। हरदा के विकास और जनता के अधिकारों की यह लड़ाई विधानसभा से लेकर सड़क तक जारी रहेगी।”

