नीट विवाद : शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए दिया इस्तीफा
मकडा़ई एक्सप्रेस 24 नई दिल्ली । NEET पेपर लीक विवाद और पिछले 36 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
उन्होंने अपना इस्तीफा पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है। मंत्री ने कहा कि वह नैतिक जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकते और युवाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए यह कदम उठा रहे हैं।
जंतर-मंतर से शुरू हुआ था आंदोलन
छात्रों का प्रदर्शन 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। प्रदर्शनकारी लगातार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग कर रहे थे। सरकार की चौतरफा आलोचना के बीच इस्तीफे को परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
PM ने की थी सख्त कार्रवाई की घोषणा
इस्तीफे से एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामले को गंभीर बताते हुए कठोर कानून बनाने और फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए सुनवाई कराने की बात कही थी। PM के बयान के 24 घंटे के अंदर मंत्री के इस्तीफे के बाद विपक्ष के हमलों को भी झटका लगा है।
मंत्री ने एक्स पर लिखा पत्र
धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना इस्तीफा पत्र साझा किया। उन्होंने लिखा कि वह पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार से जुड़े रहे हैं।
उनका मानना है कि सशक्त और समावेशी शिक्षा व्यवस्था ही एक मजबूत राष्ट्र की नींव होती है।
आंदोलनकारियों में खुशी
मंत्री के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन स्थल पर जश्न का माहौल है। आंदोलनकारी युवाओं का कहना है कि यह उनकी जीत है और सरकार को युवा शक्ति के आगे झुकना पड़ा।
सरकार ने अब तक इस मामले में 47 अधिकारियों को बर्खास्त भी किया है।

