सिवनी मालवा। नर्मदा नदी पर बने आंवलीघाट पुल की जर्जर हालत अब चिंता का कारण बनती जा रही है। पुल के एक हिस्से में गाटरों के बीच करीब 5 इंच का गैप दिखाई दे रहा है, वहीं कई स्थानों पर लोहे के सरिए बाहर निकल आए हैं। पुल से रोजाना हजारों वाहनों की आवाजाही के बीच ग्रामीणों ने इसे गंभीर खतरा बताते हुए प्रशासन से तत्काल जांच और स्थायी मरम्मत की मांग की है।
हथनापुर ग्राम पंचायत के सरपंच विनोद भिलाला ने प्रशासन से पुल का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराने और विशेषज्ञों की निगरानी में स्थायी मरम्मत करवाने की मांग की है।
पहले भी हो चुकी है अस्थायी मरम्मत
ग्रामीणों के अनुसार पुल पर सरिए निकलने की समस्या पहले भी सामने आती रही है। शिकायत के बाद संबंधित विभाग द्वारा कई बार अस्थायी रूप से मरम्मत कर दी जाती है, लेकिन कुछ समय बाद फिर से सरिए बाहर निकल आते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थायी समाधान नहीं होने के कारण समस्या लगातार बनी हुई है।
इस बार एक पिल्लर के पास गाटरों के बीच करीब 5 इंच का अंतर दिखाई दे रहा है। गाटरों के बीच लगी रबड़ भी बाहर निकल चुकी है। पुल के अलग-अलग हिस्सों में कहीं गाटर आपस में जुड़े हुए हैं तो कहीं उनके बीच अंतर नजर आ रहा है। सबसे बड़ा गैप देखकर वाहन चालक और स्थानीय लोग चिंतित हैं।
नर्मदापुरम-हरदा सहित कई जिलों की अहम कनेक्टिविटी
आंवलीघाट पुल नर्मदापुरम, हरदा, सीहोर और भोपाल जिलों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी का हिस्सा है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। सलकनपुर धाम जाने वाले श्रद्धालु भी इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल पर लगातार भारी वाहनों की आवाजाही होती है। ऐसे में गाटरों के बीच बढ़ता गैप और बाहर निकले सरिए किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग से मांग की है कि पुल का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए, स्थिति की विशेषज्ञों से जांच कराई जाए और अस्थायी मरम्मत के बजाय स्थायी समाधान किया जाए, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
रिपोर्टर : केके यदुवंशी

