संपत्तिकर दाताओं और फौती नामांतरण में भूमि अंतरण शुल्क वसूली पर उठे सवाल, पार्षद दीपक बाथव ने की जांच की मांग
पहले से टैक्स अदा करने वाली संपत्तियों पर वारिसों से शुल्क वसूली का आरोप, नगर पालिका से नियमों के अनुसार कार्रवाई की मांग
केके यदुवंशी पत्रकार
सिवनी मालवा। नगर पालिका में संपत्तिकर दाताओं के फौती नामांतरण एवं वारिसान के नाम दर्ज किए जाने के दौरान भूमि अंतरण शुल्क की वसूली को लेकर सवाल उठे हैं। इस संबंध में नगर पालिका के पार्षद एवं सभापति, भाजपा समर्थक प्रशासन विभाग से जुड़े दीपक बाथव (एडवोकेट) ने नगर पालिका अध्यक्ष एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी के नाम लिखित शिकायत अकाउंटेंट महेंद्र परिहार को सौंपकर मामले की जांच कराने और नियम विरुद्ध वसूली पाए जाने पर उसे तत्काल बंद करने की मांग की है।
मृत्यु के बाद वारिसान के नाम नामांतरण में शुल्क वसूली का मामला
पार्षद दीपक बाथव ने अपने पत्र में बताया कि नगर पालिका सिवनी मालवा में संपत्तिकर दाताओं के फौती नामांतरण के प्रकरणों में यह स्थिति देखने में आ रही है कि संपत्ति के मालिक की मृत्यु के बाद उसके वारिसों के नाम नामांतरण किए जाने के दौरान भूमि अंतरण शुल्क वसूला जा रहा है। उनका कहना है कि संबंधित संपत्तियों पर पूर्व से ही संपत्तिकर का भुगतान किया जा रहा है, ऐसे में फौती नामांतरण के दौरान भूमि अंतरण शुल्क की वसूली को लेकर नियमों की स्थिति स्पष्ट किया जाना आवश्यक है।
“नियमों के अनुसार जांच कर वसूली बंद की जाए”
पार्षद दीपक बाथव ने बताया कि उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से आग्रह किया है कि पूरे मामले की नियमों के अनुरूप जांच कराई जाए। यदि जांच में यह पाया जाता है कि नागरिकों से भूमि अंतरण शुल्क के नाम पर गलत तरीके से राशि वसूल की जा रही है, तो ऐसी वसूली तत्काल बंद की जाए।
उन्होंने कहा कि फौती नामांतरण सामान्यतः संपत्ति के मूल स्वामी की मृत्यु के बाद उसके वैधानिक वारिसों के नाम संपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया है। ऐसे मामलों में नागरिकों से किस मद में और किस नियम के तहत शुल्क लिया जा रहा है, इसकी स्पष्टता नगर पालिका द्वारा की जानी चाहिए, ताकि आम नागरिकों पर अनावश्यक आर्थिक भार न पड़े।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को भी भेजी प्रति
दीपक बाथव द्वारा दिए गए पत्र की प्रतिलिपि आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास, मध्यप्रदेश, भोपाल को भी सूचनाार्थ भेजी गई है। पत्र में नगर पालिका अध्यक्ष एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी से मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है।
पारदर्शिता के साथ शुल्क व्यवस्था स्पष्ट करने की मांग
दीपक बाथव ने बताया कि नगर पालिका में संपत्ति संबंधी नामांतरण प्रकरणों में शुल्क की व्यवस्था पूरी तरह नियमों और शासन के प्रावधानों के अनुरूप होनी चाहिए। नागरिकों को यह स्पष्ट जानकारी मिलना जरूरी है कि फौती नामांतरण के समय किस स्थिति में कौन-सा शुल्क देय है। उन्होंने कहा कि यदि किसी मद में शुल्क लिया जा रहा है तो उसका स्पष्ट आधार और नियम भी संबंधित नागरिकों के सामने होना चाहिए।
मामले को लेकर अब नगर पालिका प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर नजर रहेगी। यदि जांच होती है तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि फौती नामांतरण के दौरान भूमि अंतरण शुल्क की वसूली किन प्रावधानों के तहत की जा रही है और संबंधित मामलों में शुल्क वसूली नियमसम्मत है या नहीं।

