नर्मदापुरम-हरदा मार्ग पर हादसों का अड्डा बना पुल,
कुछ दिन पहले ही एक युवक ने गंवाई जान, ग्रामीणों ने लगाए लापरवाही के आरोप
केके यदुवंशी पत्रकार
सिवनी मालवा। नर्मदापुरम हरदा मार्ग पर स्थित धरमकुंडी ब्रिज अब यात्रियों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि मौत का दूसरा नाम बन गया है। पुल पर अंधा मोड़ हर दिन किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। स्थानीय लोग दुर्घटना ब्रिज’ कहने लगे हैं। जनपद सदस्य शेर सिंह दरबार का कहना है कि पुल की खतरनाक डिजाइन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ दिन पूर्व ही मौके पर ही एक युवक की यहां सड़क हादसे में मौके पर ही मौत हो गई थी।
बताया गया कि नर्मदापुरम से घर लौटते समय ब्रिज के खतरनाक मोड़ पर उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सीधे ट्रक से जा टकराई थी। यह कोई पहला हादसा नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यहां हर हफ्ते 2 से 3 बाइक स्लिप और टक्कर की घटनाएं हो रही हैं। बताया कि ब्रिज खत्म होते ही अचानक तीखा मोड़ आ जाता है।
मोड़ पर न तो पर्याप्त लाइटिंग है, न ही स्पीड ब्रेकर और न ही चेतावनी बोर्ड। रात और दिन के समय मोड़ का अंदाजा ही नहीं लगता, तेज रफ्तार वाहन सीधे डिवाइडर या रेलिंग से टकरा जाते हैं। ब्रिज की डिजाइन की बड़ी खामी का नमूना बन गया है, जहां नागरिकों ने भी माना है कि ऐसे मोड़ भारी वाहनों के लिए बेहद असुरक्षित हैं।
ग्रामीणों में आक्रोश, सुधार की मांग
घटना के बाद मौके पर पहुंचे जनपद सदस्य और ग्रामीणों ने प्रशासन से नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन को इस मोड़ को लेकर शिकायत की, लेकिन आज तक कोई सुधार नहीं किया गया। महीने में 8 से 10 एक्सीडेंट होते हैं
ग्रामीणों की मांग है कि — मोड़ पर बड़े रेडियम रिफ्लेक्टर और ब्लिंकर लगाए जाएं दोनों तरफ स्पीड ब्रेकर और 30 की गति सीमा के बोर्ड लगाए जाए ब्रिज की रेलिंग की ऊंचाई बढ़ाई जाए और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था हो यदि जल्द सुधार किया जाए। अन्यथा यहां एक्सीडेंट होते रहेंगे।

