हरदा में आस्था और परंपरा के साथ मनाया गया भुजरिया पर्व, हंडिया में दिखी लोक संस्कृति की झलक
हरदा। लोक आस्था, परंपरा और आपसी भाईचारे का प्रतीक भुजरिया पर्व शनिवार को हरदा जिले में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। जिला मुख्यालय हरदा सहित हंडिया और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही पर्व को लेकर उत्साह नजर आया। शाम से लेकर देर रात तक विभिन्न स्थानों पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां चलती रहीं।
हरदा में अजनाल नदी घाट पर हुआ भुजरिया विसर्जन
हरदा में दोपहर बाद अजनाल नदी घाट पर भुजरिया विसर्जन का सिलसिला शुरू हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालु ज्वारियां लेकर घाट पर पहुंचे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर विसर्जन किया। शाम करीब 7 बजे तक घाट पर भुजरिया विसर्जन चलता रहा। इस दौरान पूरा घाट भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन और होमगार्ड के जवान घाट पर तैनात रहे। सुरक्षा कर्मियों ने घाट पर व्यवस्था संभालते हुए श्रद्धालुओं की आवाजाही पर नजर रखी।
हंडिया में डंडों की खनक से गूंजा क्षेत्र
भुजरिया पर्व के अवसर पर जिले के हंडिया क्षेत्र में पारंपरिक डंडा खेल भी आकर्षण का केंद्र रहा। युवाओं और ग्रामीणों ने पारंपरिक अंदाज में डंडा खेल प्रस्तुत किया। डंडों की खनक देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और दर्शक मौजूद रहे।
नर्मदा घाटों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
भुजरिया पर्व पर महिलाएं और श्रद्धालु भुजरियां लेकर नर्मदा नदी के घाटों पर पहुंचे। पूजन-अर्चन के बाद भुजरियों का विसर्जन किया गया। इसके साथ ही लोगों ने विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिरों में भुजरियां अर्पित कीं।
लोगों ने अपने बड़े-बुजुर्गों को भुजरियां भेंट कर आशीर्वाद लिया तथा एक-दूसरे को भुजरियां देकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस परंपरा के माध्यम से प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
हरदा जिले में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन और नगर सैनिकों की तैनाती की गई। घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था संभालने के साथ जवानों ने श्रद्धालुओं की आवाजाही पर नजर रखी। प्रशासन की सतर्कता के चलते पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।

