jhankar
ब्रेकिंग
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर NSUI की बैठक, युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में श... शिक्षक दिवस पर 3 स्कूलों में युवा समाजसेवियों ने किया शिक्षकों का भव्य सम्मान न्यायाधीश ने जिला जेल का किया औचक निरीक्षण, विधिक जागरूकता शिविर लगाया आंगनवाड़ी केन्द्र में मनाया गया कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव पिछले 24 घंटों में जिले में 7.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के पात्र एमएसएमई के लिए मैसूर में एक्सपोजर विजिट का अवसर विकसित भारत क्विज के विजेताओं को प्रधानमंत्री के समक्ष विचार रखने का मिलेगा अवसर रूस में गूंजा हरदा के युवा का नाम, अंशुल दुगाया ने किया भारत का प्रतिनिधित्व शिवानुजा प्ले स्कूल में नन्हे-मुन्नों ने राधा-कृष्ण बनकर मोहा मन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर सजी मनमोहक ... गौशाला है, फिर भी सड़क पर गौवंश! हंडिया में व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

न्यायाधीश ने जिला जेल का किया औचक निरीक्षण, विधिक जागरूकता शिविर लगाया

बंदियों को उनके विधिक अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता की उपलब्धता की जानकारी दी

हरदा : प्रधान जिला न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष अरविंद रघुवंशी के मार्गदर्शन में चंद्रशेखर राठौर, न्यायाधीश व सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदा एवं जिला विधिक सहायता अधिकारी सौरभ कुमार दुबे ने गुरूवार को जिला जेल, हरदा का औचक निरीक्षण किया।

जेल निरीक्षण के दौरान बैरक में निरुद्ध सभी बंदियों से मुलाकात कर उनके प्रकरण में अधिवक्ता नियुक्त है या नहीं, चिकित्सक द्वारा उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है या नहीं, परिवारजनों से मिलने दिया जा रहा है या नहीं, न्यायालय में पेशियां हो रही है या नहीं, बंदियों के रहन-सहन, खान-पान, साफ सफाई, आदि के बारे में जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान जेलों के लिए बनाए गए या जारी किए गए सभी नियमों, विनियमों, निर्देशों और आदेशों का पालन विधिवत किया जा रहा है तथा उन्हें लागू किया जा रहा है या नहीं, इस संबंध में निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान जिला जेल में संचालित लीगल एड क्लीनिक एवं पुरुष एवं महिला बैरकों का भी निरीक्षण कर बंदियों को प्राप्त होने वाली मूलभूत सुविधाएं, बैरकों में साफ-सफाई, बंदियों के स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं,

- Install Android App -

भोजन व्यवस्था इत्यादि का निरीक्षण किये जाने पर व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। पाकशाला का निरीक्षण किया गया जिसमें बंदियों हेतु तैयार किये गये भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष, मुलाकात कक्ष, डिस्पेंसरी, लीगल एड हेल्प डेस्क का भी निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान जानकारी प्राप्त हुई कि जेल में कुल 225 बंदी (27 दंडित, 196 विचाराधीन बंदी व 02 सिविल बंदी) निरुद्ध हैं, जिनमें से 219 पुरुष एवं 6 महिलाएं हैं जबकि जेल में बंदियों हेतु क्षमता 90 बंदियों की हैं, जेल में क्षमता से अधिक बंदी निरूद्ध है। निरीक्षण के दौरान 2 बंदी ऐसे पाये गये जिनकी प्रकरणों में अधिवक्ता उपलब्ध नहीं थे,

जिस पर तत्काल जेल लीगल एड क्लीनिक नामांकित पैरालीगल वालेंटियर्स के माध्यम से नियमानुसार आवेदन पत्र लेकर उन्हें निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने की कार्यवाही की गयी। निरीक्षण के दौरान जेल में 18 वर्ष से कम आयु का कोई बंदी परिरूद्ध होना नहीं पाया गया। जेल निरीक्षण के दौरान कोई ऐसा बंदी नहीं पाया गया जो कि उसकी सजा पूर्ण होने के उपरांत भी जेल में निरूद्ध है। निरीक्षण उपरांत जेल में कोई जातिगत भेदभाव नहीं होना पाया गया।

इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जेल में विधिक जागरूकता शिविर भी आयोजित किया गया। शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी ने जेल मेें स्थापित लीगल एड क्लीनिक, टोल फ्री नंबर 15100, निःशुल्क विधिक सहायता योजना के माध्यम से अधिवक्ता नियुक्ति, अपील प्रस्तुति, जमानत आवेदन प्रस्तुति, जमानत के बाद भी जेल में निरूद्ध बंदियों, सजा पूरी होने के बाद भी जेल में निरूद्ध बंदियों आदि के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।

आयोजित शिविर के दौरान सचिव  राठौर ने उपस्थित बंदियों को अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी, बंदियों के अधिकार, प्री-मैच्योेर रिलीज, अन्य महत्वपूर्ण रिट याचिकाओं के बारे में भी जानकारी दी। इस दौरान जेल स्टॉफ, पैरालीगल वॉलेंटियर उपस्थित रहे।