मकड़ाई समाचार हरदा। सरकार की जनकल्याणकारी योजना जिसमें गरीब परिवारो को सस्ता अनाज उपलब्ध कराया जा सके इसके लिए गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले गरीब परिवारो के बीपीएल कार्ड बनाए गए। जिन्हे सरकार द्वारा सस्ता राशन दिया जा सके लेकिन सरकार की इस कल्याण कारी योजना का लाभ वास्तविक गरीबो तक पहुंचने से पहले कई नकली गरीबो ने संबधित अधिकारी एवं कर्मचारियों से सांठगांठ कर फर्जी बीपीएल कार्ड बना लिया और सरकार की योजना जो गरीब परिवारो के लिए थी उसका लाभ ये साधन संपन्न अमीर लोग गरीब बन कर ले रहे है।
सरकार की नजर में गरीब
सरकार की इस योजना में गरीब उन्हे माना गया था।जिसकी समस्त स्त्रोतो से वार्षिक आय 10000 रुपये से कम हो,छत वाला पक्का मकान न हो,जिसका स्वयं का चार पहिया वाहन न हो ऐसी सरकार द्वारा 13 बिंदूओ की गाईडलाईन जारी की गई थी।गांव में अपने राजनीतिक रसूख के चलते सरपंच सचिवो पर दबाब बनाकर लोगो ने बीपीएल कार्ड बनवाए तो कही कुछ लेन देन देकर कार्ड बनाए जाने की बात भी सामने आई थी।
सिराली तहसील में फर्जी गरीब ले रहे बीपीएल कार्ड पर अनाज
सिराली तहसील के कुछ गांवोे में कई ऐसे साधन संपन्न परिवार है। जिन्होने संबधित कर्मचारियो से मिली भगत कर बीपीएल कार्ड बना लिए है।जबकि इन लोगो की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत है। खुद के टैक्टर ट्राली,दो मंजिला पक्का मकान है। यह किसी भी दृष्टि से गरीब नही है फिर इनके बीपीएल कार्ड बनाए है साथ ही राशन की दुकान से सस्ता अनाज भी ले रहे है।
ग्राम दीपगांव के कुछ नाम है जिनमें शेख रशिद खिरकिया नगर परिषद में नल से पानी छोड़ने की नौकरी करते है करीब डेढ लाख वार्षिक आय है। जबकि ये सरकारी कर्मचारी है और इनका बीपीएल कार्ड कैसे बन गया। इसी प्रकार शांतिलाल मालवीय समग्र आईडी 140382068 है। जो कि पंचायत में मेट का जाब करते है। इनका भी बीपीएल कार्ड बना हुआ है। वहीं उपसरपंच जो कि 10 एकड़ जमीन के मालिक है वह भी बीपीएल कार्ड की योजना का लाभ ले रहे है। स्थिति यह है कि गांव में बहुत सारे नाम है जो कि साधन संपन्न होने के बाद गरीबो के हक पर डाका डाल बीपीएल कार्ड का लाभ ले रहे है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस योजना में सरकारी कर्मचारी भी लाभ ले रहे है। जिनके पक्के मकान है लोगो को कर्ज से रुपये उधार देते है। बडे़ दुकानदार,टेंट मालिक आदि ऐसे अमीर लोग भी फर्जी गरीब बन गए है।
करुणा सोनी खा़द्यन्न सुरक्षा पर्ची 1195399254,महिला सुपरवाईजर है इनका भी बीपीएल कार्ड बना हुआ है। सरकार की योजना को सरकारी नुमाइंदे ही पलीता लगाने में लगे है।
जिला प्रशासन को चाहिए कि फर्जी गरीबो की सूक्ष्मता से जांच की जाए तो हर गांव से लगभग एक से दो दर्जन बीपीएल कार्ड सिराली तहसील के मुख्य गांवो में मिलेगें। आज भी कई और नाम पर हमारे पास है जिन्होने इन योजनाओ का लाभ लिया है जो इसके पात्र नही है।सबसे बडी बात है कि कुछ फर्जी गरीबो के बैको से भी लोन है बैंक ऐसे किसी भी गरीब को लोन नही देगी क्योकि गरीब से उसकी वसूली नही होगी। बैंक से लाखो का लेन देन करने वाला गरीब कैसे हो सकता है।जिला प्रशासन को चाहिए कि ऐसे लोगो पर तत्काल कार्यवाही की जानी चाहिए
जिम्मेदार पटवारी सचिव पर हो FIR हो दर्ज
बीपीएल कार्ड बनाने में जिन लोगो द्वारा कार्यवाही की जाती है। उन सबकी जिम्मेदारी है कि इन लोगो का फर्जी बीपीएल कार्ड कैसे बन गया है। सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक,पटवारी आदि जिन्होने मौके पर हितग्राही का मकान का सर्वे किया होगा। प्रतिवेदन तैयार किया होगा। आधार ,वोटर कार्ड आदि कागजात चैक किए होगें। जिला प्रशासन ऐसे लोगो पर सख्त कार्यवाही करे ताकि इस प्रकार की फर्जी कार्डो से गरीबो के हक का अनाज कोई और डाका न डाल सके। इस संबंध में ग्राम पंचायत सचिव दिनेश राजपूत से संपर्क करना चाहा तो उन्होने फोन रिसीव नही किया वहीं पटवारी सूरज सेजकर से संपर्क किया तो उन्होने भी मोबाईल रिसीव नही किया।
इनका कहना है
आपके द्वारा ये मामला संज्ञान में लाया गया है। निष्चित ही जांच कर इनके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी।
महेंद्र सिंह चौहान तहसीलदार सिराली

