महाराष्ट्र में बैतूल जिले के 18 बंधुआ मजदूरों को एडवोकेट विक्रांत कुमरे ने फिर कराया आजाद, पूर्व में अलग-अलग राज्यो से सैकड़ों बंधुआ मजदूरों को करा चुके आजाद
मकड़ाई समाचार भोपाल। मध्यप्रदेश में रोजगार नही मिलने से कई लोग काम की तलाश में अन्य राज्यो में पलायन करने को मजबूर है। इन गरीब भोले-भाले अदिवासी वर्ग के लोगो को तथाकथित दलाल अच्छा पैसा मिलेगा। आप हमारे साथ चलो महाराष्ट्र में बहुत से उद्योग धंधे है। बहुत सारा काम है। कहकर काम के लिये ले जाते है। लेकिन कुछ समय बाद उनको समय पर न तो पैसा मिलता है और जो दलाल एजेंट है वो उनके साथ गद्दारी करके उनके नाम का पैसा लेकर रफूचक्कर हो जाते है। ऐसी बहुत सी शिकायते वर्षो से फाइलों में दफन है। और गरीब लोगों का अशिक्षा अज्ञानता के कारण लगातार शारीरिक मानसिक शोषण होता है। कई बार मजदूर बाहर राज्यो में जाकर बंधुआ मजदूर बनकर रह जाता है। लेकिन उसकी मदद करने न तो स्थानीय अधिकारी करते और नही नेता। लेकिन आज भी इंसानियत जिंदा है। बहुत से लोग औरो के लिये ही जीते है। और ईश्वर भी इन्हें फ़रिश्ता बनाकर इन नेक कामो के लिये भेज देता है। ऐसे ही एक दिल्ली सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता है। विक्रांत सिह कुमरे जो हमेशा गरीब अदिवासी ही नही हर एक वर्ग के लोगो के लिये सदैव खड़े रहते है। हरदा बैतूल जिले के सैकड़ों मजदूर जो कर्नाटक व महाराष्ट्र में बंधक थे उन्हें सकुशल छुड़वाया। ओर उनको उनके गॉव स्वयं के पैसे खर्च कर पहुचाया।
दो दिन पहले भी बैतूल जिले के 18 मजदूर जो महाराष्ट्र के उस्मानाबाद में गन्ना कटाई के लिये गए थे। लेकिन ठेकेदार उन्हें वापस नही आने दे रहा था। और उन लोगो के साथ शारीरिक मानसिक टार्चर कर रहा था। उन सभी बंधुआ मजदूरो ने वहां से हरदा जिले के सामाजिक कार्यकर्ता करुणा शंकर शुक्ला को यह जानकारी दी कि हम सभी लोग महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले के एक गॉव राजुरी में खेत मे बंधक है। उसके बाद करुणा शंकर शुक्ला व उनकी टीम ने वरिष्ठ एडवोकेट विक्रांत सिह कुमरे को पूरी जानकारी फि। और उनके अथक प्रयास से उस्मानाबाद कलेक्टर तहसीलदार व पुणे भाजपा जिलाध्यक्ष मुलिक जी की मदद से सभी को आजाद कराया गया। बंधुआ मजदूरो को छुड़ाने में
गंधर्व शर्मा जी, बर्कले बैंक लंदन की पुणे ब्रांच में कार्यरत हैं उनका भी बहुत ही अच्छा योगदान रहा। उनको जैसे ही पता चला तो उन्होंने मजदूरों की हर संभव मदद करने के लिए आगे आए। आज सभी मजदूर महाराष्ट्र से ट्रेन से अपने वतन लौट रहे है मजदूरो में अपने घर आने की खुशी है साथ ही उन्होंने एडवोकेट विक्रांत सिह कुमरे को धन्यवाद भी कहा।

