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करोड़ों की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क के रखरखाव कार्य में लापरवाही के आरोप, साइड सोल्डर में मिट्टी डालकर वाहन चालकों की सुरक्षा से खिलवाड़

हरदा। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित खिरकिया–मोरगढ़ी रोड से अंजरूदमाल मार्ग पर चल रहे रखरखाव कार्य को लेकर स्थानीय ग्रामीणों एवं वाहन चालकों ने गंभीर आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि सड़क के रखरखाव कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है।

मार्ग पर लगे विभागीय सूचना बोर्ड के अनुसार इस सड़क की कुल लंबाई 10.20 किलोमीटर तथा निर्माण लागत 296.47 लाख रुपये है। यह कार्य पैकेज क्रमांक MP-15704 के अंतर्गत कराया गया। कार्य 18 फरवरी 2022 को प्रारंभ होकर 17 फरवरी 2023 को पूर्ण हुआ। निर्माण के साथ-साथ सड़क के पांच वर्षों तक रखरखाव (मेंटेनेंस) की जिम्मेदारी भी संबंधित ठेकेदार को सौंपी गई है।

सूचना बोर्ड के अनुसार इस कार्य के ठेकेदार मेसर्स सैय्यद अली कंस्ट्रक्शन, हरदा हैं, जबकि कार्य का क्रियान्वयन परियोजना क्रियान्वयन इकाई, हरदा द्वारा किया गया है।

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ग्रामीणों का आरोप है कि अंजरूदमाल गांव के समीप लगभग एक किलोमीटर तक सड़क के दोनों ओर साइड सोल्डर में मुरम अथवा अन्य स्वीकृत सामग्री के स्थान पर खेतों की साधारण मिट्टी डाली जा रही है। उनका कहना है कि बारिश के दौरान यह मिट्टी कीचड़ में बदल जाएगी, जिससे सड़क पर फिसलन बढ़ेगी और विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहेगा।

ग्रामीणों का कहना है कि जब करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित सड़क के रखरखाव के लिए भी अलग से प्रावधान किया गया है, तब निर्धारित तकनीकी मानकों की अनदेखी कर खेतों की मिट्टी का उपयोग किया जाना गंभीर लापरवाही है। उनका आरोप है कि इससे सड़क की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।

ग्रामीणों एवं वाहन चालकों ने जिला प्रशासन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों तथा संबंधित विभाग से मांग की है कि अंजरूदमाल के समीप लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र में किए जा रहे साइड सोल्डर कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए।

यदि कार्य निर्धारित मानकों के विपरीत पाया जाता है तो संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए गुणवत्तापूर्ण सामग्री से पुनः कार्य कराया जाए, ताकि सड़क की गुणवत्ता बनी रहे और भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।