1100 करोड़ के फोर्टिफाइड चावल घोटाले में अब तक 8 गिरफ्तार
मकडा़ई एक्सप्रेस 24 बालाघाट ।मध्य प्रदेश में एथनॉल प्लांट के नाम पर सरकारी फोर्टिफाइड चावल की कथित हेराफेरी मामले में SIT ने कार्रवाई तेज कर दी है। बालाघाट पुलिस ने तीन राइस मिल मालिकों और एक मैनेजर को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही 6 अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है, जबकि 4 आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। SIT अब सभी गिरफ्तार आरोपियों की रिमांड लेने की तैयारी कर रही है।
कैसे हुआ था घोटाले का खुलासा
यह पूरा मामला 3 जून को बालाघाट में सामने आया था। एफसीआई के नवेगांव गोदाम से छिंदवाड़ा के एथनॉल प्लांट के लिए निकले 3 ट्रकों में से एक ट्रक वारासिवनी की संचेती राइस मिल में 242 क्विंटल 55 किलो सरकारी चावल के साथ पकड़ा गया था। बाकी 2 ट्रक अभी भी लापता हैं।
शुरुआती जांच में पता चला कि चावल को तय जगह छिंदवाड़ा ले जाने के बजाय रास्ते में ही राइस मिल में उतार दिया गया था। इसी के बाद पुलिस ने संचेती राइस मिल के मालिक सौरभ संचेती, एथनॉल प्लांट के प्रतिनिधि राहुल प्रताप और ट्रक ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज किया था।
1100 करोड़ की हेराफेरी की आशंका
SIT की जांच में आशंका जताई गई है कि प्रदेश के 17 जिलों में स्थित 22 एथनॉल प्लांटों के जरिए करीब 1100 करोड़ रुपये मूल्य के फोर्टिफाइड चावल की हेराफेरी की गई।
पुलिस के अनुसार प्लांट के दो एजेंट भी फरार हैं जिनकी तलाश जारी है। लापता मिले ट्रकों में भरा कस्टम मिल्ड राइस भी गायब है।
जांच का दायरा बढ़ा, कई बड़े नाम रडार पर
एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि SIT 9 राइस मिलरों के साथ-साथ ट्रकों के मालिकों और चालकों के आपराधिक रिकॉर्ड और नेटवर्क खंगाल रही है। जांच में खाद्य विभाग और FCI गोदाम के बड़े अधिकारियों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
बिना GPS सिस्टम लगे ट्रकों को गोदाम से डिस्पैच की अनुमति कैसे मिली, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। FCI भोपाल की टीम और दिल्ली मुख्यालय भी इस मामले पर नजर रखे हुए हैं।

