मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट में की 0.25% की कटौती
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 नई दिल्ली। होम और ऑटो लोन पर बोझ कम करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने दिसंबर की मौद्रिक नीति में ब्याज दरों को घटाने का बड़ा कदम उठाया है।
केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो रेट में 0.25% की कमी करते हुए इसे 5.50% से घटाकर 5.25% कर दिया है। इसके साथ ही ग्राहकों को सस्ते लोन मिलने का रास्ता आसान हो गया है।
इस साल कुल 1.25% की कटौती
आरबीआई द्वारा वित्त वर्ष 2024–25 में यह चौथी बार ब्याज दरों में कटौती की गई है।
फरवरी – कटौती
अप्रैल – कटौती
जून – कटौती
दिसंबर – कटौती
जबकि अगस्त और अक्टूबर में रेपो रेट को स्थिर रखा गया था।
कुल मिलाकर, आरबीआई इस साल 1.25% की कटौती कर चुका है।
लोन लेने वालों को कैसे मिलेगी राहत ?
रेपो रेट घटने का सीधा असर बैंकों की ब्याज दरों पर पड़ता है।
* होम लोन EMI कम होगी
कार लोन सस्ता होगा
* नए लोन पहले से 0.25% कम ब्याज पर मिलेंगे
* मौजूदा फ्लोटिंग रेट लोन वाले ग्राहकों को भी राहत मिलेगी
* महंगाई अनुमान घटा, ग्रोथ अनुमान बढ़ा
RBI के इस फैसले के पीछे आर्थिक संकेतक मजबूत दिखाई दे रहे हैं।
महंगाई (Inflation)
पिछला अनुमान: 2.6%
नया अनुमान: 2%
महंगाई में 0.6% की गिरावट से RBI को ब्याज घटाने का मौका मिला।
ग्रोथ (Growth)
देश की GVA Growth Rate को बढ़ाकर 7.3% कर दिया गया है। यह पहली बार है जब RBI ने ग्रोथ अनुमान को 7% से ऊपर रखा है। दूसरी तिमाही की रियल ग्रोथ 8.2% रहने का अनुमान है, जो अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
क्यों महत्वपूर्ण है RBI का यह फैसला ?
महंगाई नियंत्रण में होने पर अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने की जरूरत होती है, जिसके लिए ब्याज दरें घटाई जाती हैं।
वैश्विक आर्थिक दबाव के बीच भारत की ग्रोथ तेज़ मानी जा रही है। सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और उद्योगों के निवेश बढ़ने से आर्थिक गतिविधियों को गति मिल रही है।
अब आगे क्या होगा ?
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि
यदि महंगाई नियंत्रण में रहती है,
और ग्रोथ का ग्राफ ऊपर रहता है,तो आने वाली तिमाहियों में एक और मामूली कटौती देखने को मिल सकती है।

