कोरबा जिले के केराकछार गांव की घटना, रील/सीरियल नहीं चला तो गुस्से में तोड़ा मोबाइल, फिर कीटनाशक पीकर दी जान
मकडा़ई एक्सप्रेस 24 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में रील/मोबाइल की लत से जुड़ा सबसे नया मामला सामने आया है।
मृतका की पहचान 52 वर्षीय मंगलो बाई पति प्रेमलाल सारथी, निवासी ग्राम केराकछार, थाना करतला, जिला कोरबा के रुप में हुई है।
क्या है पूरा मामला
शनिवार दोपहर को मंगलो बाई घर में खाना खाते-खाते मोबाइल पर सीरियल/रील देख रही थीं। इसी दौरान अचानक मोबाइल का नेटवर्क चला गया। काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी नेटवर्क नहीं आया तो गुस्से में उन्होंने मोबाइल जमीन पर पटक कर तोड़ दिया और अपने कमरे में चली गईं।
कुछ देर बाद जब वो बाहर आकर खाट पर बैठीं तो उन्हें उल्टियां होने लगीं और मुंह से जहरीले पदार्थ की दुर्गंध आने लगी। परिवार ने कमरे की तलाशी ली तो अंदर कीटनाशक दवा का खाली डिब्बा मिला। पता चला कि आवेश में आकर मंगलो बाई ने घर में रखी खेत की कीटनाशक दवा पी ली थी।
परिजनों ने घबराहट में पहले पुरानी मान्यता के चलते उन्हें गोबर और नमक का पानी पिलाकर उल्टी कराने की कोशिश की। फिर संजीवनी 108 से उन्हें पहले करतला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से शाम करीब 5 बजे मेडिकल कॉलेज अस्पताल (कोरबा मेडिकल कॉलेज) रेफर किया गया। इलाज के दौरान करीब एक घंटे बाद उनकी मौत हो गई।
पुलिस से मिली जानकारी
सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि अस्पताल से मिले मेमो के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मोबाइल में नेटवर्क चले जाने से नाराज होकर महिला ने कीटनाशक का सेवन किया था। शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है।
प्रदेश में 8 महिने में 57 मौत
ये घटना ऐसे समय हुई है जब कोरबा मेडिकल कॉलेज के आंकड़े डराने वाले हैं। बीते 8 महीनों में ही 57 लोगों की आत्महत्या से मौत हो चुकी है। अस्पताल में हर हफ्ते जहर खाने के केस पहुंच रहे हैं।

