jhankar
ब्रेकिंग
Aaj Ka Rashifal: आज दिनांक 11 अप्रैल 2026 का राशिफल, जानिए आज क्या कहते है आपके भाग्य के सितारे MP BIG NEWS: एंब्रोसिया सीड्स प्रोड्यूसर प्रालि जिसने समर्थन मूल्य 8,768 रु. क्विंटल वाली मूंग को 25... इंदौर में ‘वंदे मातरम’ विवाद: राष्ट्रगीत के मुद्दे पर गरमाई सियासत! बीजेपी का प्रदर्शन, पुतला दहन इंदौर में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, उपयंत्री 15 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार उज्जैन में 21 घंटे बाद बोरवेल से निकाला गया 3 साल का मासूम, पहुंचाया गया अस्पताल इंदौर सुसाइड केस: थाना प्रभारी लाइन अटैच, SI पहले ही सस्पेंड, पुलिस पर उठे सवाल मधुमक्खियों का तांडव! गाडरवारा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों पर किया हमला मथुरा में बड़ा हादसा: यमुना में पांटून पुल से टकराई नाव, 10 की मौत थाना अरेरा हिल्स पुलिस ने गांजा तस्कर को किया गिरफ्तार, 1300 ग्राम गांजा जप्त शाजापुर: 12 नामजद समेत 150 कांग्रेसियों पर केस दर्ज, SP ने कहा- सुरक्षा चूक पर TI होंगे जिम्मेदार

जबलपुर गन कैरिज फैक्ट्री को 300 धनुष तोपों का बड़ा ऑर्डर

जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित गन कैरिज फैक्ट्री में वित्त वर्ष 2026-27 में 300 धनुष तोप के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को शुरुआती 8 महीने में पूरा करने की तैयारी है। फैक्ट्री में इस तोप पर एक दशक से काम किया जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर में सटीक प्रदर्शन के बाद इनके उत्पादन में इजाफा किया गया है।

पिछले साल 150 तोपों का ऑर्डर मिला

पिछले साल गन कैरिज फैक्ट्री को 150 तोपों का ऑर्डर मिला था। ये देश की एकमात्र फैक्ट्री है जहां धनुष तोप का उत्पादन किया जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जल्द ही फैक्ट्री को 300 धनुष हावित्जर का ऑर्डर मिलने वाला है।

- Install Android App -

धनुष तोप की क्या खासियत हैं?

धनुष तोप को स्वदेशी तकनीक की मदद से विकसित किया गया है।
इसकी रेंज करीब 38 किमी है, जिसे 44 से 46 किमी तक सटीक प्रहार करने वाला बनाया जा रहा है।
ये 155 मिमी 45 कैलिबर में उपलब्ध है, जिसे 52 कैलिबर तक बढ़ाया जा रहा है।
इसके 81 फीसदी पुर्जे स्वदेशी हैं। इसे 91 फीसदी तक बढ़ाने का लक्ष्य है।
ये प्रति 1 मिनट में तीन राउंड दाग सकती है। इसके साथ ही ये तोप लगातार डेढ़ तक फायरिंग कर सकती है।
फायरिंग करने के बाद धनुष तोप अपनी पोजिशन बदल सकती है।
इस तोप का वजन 13 टन है जो सटीक निशाना लगाने में माहिर है।
ये चारों दिशाओं में घूमकर फायरिंग कर सकती है। इसे वाहन पर ले जाना आसान है।
ये 46.5 किलो वजनी गोले को दागने में सक्षम है।
तीनों सेनाओं को उत्पाद सप्लाई करती है

गन कैरिज फैक्ट्री की स्थापना साल 1904 में की गई थी.
इस फैक्ट्री में VFJ-GCF 105 mm ट्रक माउंटेड सेल्फ प्रोपेल्ड गन सिस्टम, सारंग तोप, धनुष तोप जैसे उत्पाद तैयार किए जाते हैं।
इस फैक्ट्री में बने उत्पाद थल सेना, वायु सेना और नौसेना के साथ-साथ CISF, CRPF, BSF और ITBP को सप्लाई किए जाते हैं।