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बिहार : बिहार में रक्षक बने भक्षक पुलिस स्टाफ ने ट्रेन से लूटा सोना

गया रेल थाना प्रभारी समेत 5 पुलिसकर्मियों ने रची थी डेढ़ करोड़ के सोने की लूट की साजिश

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 बिहार। हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस में नवंबर माह में हुई डेढ़ करोड़ रुपये के सोने की सनसनीखेज लूट के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। विशेष जांच दल (SIT) की तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि इस बड़ी वारदात को किसी बाहरी गिरोह ने नहीं, बल्कि कानून के रखवालों ने ही अंजाम दिया था। इस मामले में गया रेल थाने के थाना प्रभारी (SHO) राजेश कुमार सिंह सहित पांच पुलिसकर्मियों की सीधी संलिप्तता पाई गई है।

वर्दी की आड़ में रची गई लूट की साजिश

घटना उस समय की है जब कानपुर के स्वर्ण व्यवसायी मनोज सोनी के कर्मचारी धनंजय शाश्वत भारी मात्रा में सोना लेकर जयपुर जा रहे थे। कोडरमा और गया रेलखंड के बीच, पुलिस की वर्दी पहने कुछ लोगों ने चेकिंग के बहाने कर्मचारी को रोका। डरा-धमकाकर उन्होंने सोने से भरा बैग छीन लिया और फिर चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोक दिया। आरोपी कर्मचारी को ट्रेन से नीचे उतारकर मौके से फरार हो गए थे।

डिजिटल सबूतों ने खोली पुलिस की पोल

मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित की गई एसआईटी ने जब तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला, तो कड़ियाँ जुड़ती चली गईं। जांच में निम्नलिखित मुख्य साक्ष्य सामने आए:

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मोबाइल लोकेशन:- संदिग्ध पुलिसकर्मियों की लोकेशन वारदात के समय घटनास्थल के आसपास पाई गई।

व्हाट्सएप चैट:- आरोपियों के बीच हुई बातचीत से लूट की योजना का पता चला।

सीडीआर- मोबाईल कॉल डिटेल रिकॉर्ड से खुलासा घटना के वक्त और उससे पहले आरोपियों के बीच हुए संपर्क की पुष्टि हुई।

थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मी निलंबित

जांच रिपोर्ट के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी राजेश कुमार सिंह और चार सिपाहियों—करण, अभिषेक, रंजन और आनंद मोहन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इन सभी के खिलाफ लूट और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार

रेलवे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि विभाग में भ्रष्टाचार और अपराध में लिप्त किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह में कुछ और लोग भी शामिल थे और लूटे गए सोने की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है।