हरदा : बीती रात टिमरनी थाना क्षेत्र में एक कबड्डी कोच के खिलाफ टिमरनी थाने नाबालिग खिलाड़ी की शिकायत पर छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में पीड़िता और उसके परिजन शाम 6 बजे से लेकर रात दो बजे तक थाने में रिपोर्ट दर्ज होने का इंतजार करते रहे । देर रात पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। पीड़िता के परिजनो ने कहा कि हमने कोच पर बहुत विश्वास किया था। लेकिन उसने हमारा भरोसा तोड़ा। ऐसे में अब बेटियों को कैसे किसी के भरोसे छोड़े। उन्होंने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी हो और उसे सजा मिले। ये ही चाहते है।
पुलिस के अनुसार, टिमरनी निवासी कबड्डी कोच अंकित जोशी के खिलाफ एक नाबालिग खिलाड़ी ने शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता ने बताया कि वह पिछले पांच वर्षों से कोच के मार्गदर्शन में कबड्डी का प्रशिक्षण ले रही थी।
शिकायत में आरोप है कि 24 मई को कोच अंकित जोशी ने उसे अपने घर खाना बनाने के लिए बुलाया। उस समय घर पर कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था। पीड़िता का आरोप है कि इसी दौरान कोच ने उसका हाथ पकड़कर अश्लील हरकतें कीं।
घटना के बाद नाबालिग ने डर के कारण कबड्डी अभ्यास के लिए जाना बंद कर दिया। जब परिजनों ने उससे अभ्यास छोड़ने का कारण पूछा इसके बाद पीड़िता ने अपनी मां को बात बताई इसके बाद परिजनों के साथ टिमरनी थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई।
कबड्डी खिलाड़ी छात्राओं में भय
छेड़छाड़ की घटना के बाद आज शाम को ग्राउंड पर कोई भी खिलाड़ी नहीं पहुंचा। इधर घटना के बाद खिलाड़ियों में भय व्याप्त है।
सोशल मीडिया पर कांग्रेस समर्थकों सहित नागरिकों ने आरोपी के भाजपा नेताओं के साथ वाले फोटो शेयर किए।
छेड़छाड़ की घटना के बाद जिले में कांग्रेस पार्टी से जुड़े नेताओं ने आरोपी के विभिन्न फोटो जिनमें वो पूर्व विधायक संजय शाह, नपा अध्यक्ष देवेंद्र भारद्वाज के साथ दिखाई दे रहा है। उन फोटो को वायरल करते हुए। राजनीतिक संरक्षण के आरोप लगाए।
इनका कहना है।
एसडीओपी आकांक्षा तलया ने मीडिया को बताया कि नाबालिग की शिकायत पर आरोपी अंकित जोशी के खिलाफ बीएनएस की धारा 74 तथा पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
नपा परिषद के अध्यक्ष देवेंद्र भारद्वाज ने कहा कि में तो थाने के गेट के बाहर पान की दुकान पर खड़ा रहा। में किसी के भी समर्थन में या विरोध में नहीं गया। पुलिस प्रशासन नियमानुसार अपना कार्य कर रहा । ये घटना भी निंदनीय है। पुलिस निष्पक्ष जांच करे।

