jhankar
ब्रेकिंग
Aaj Ka Rashifal: आज दिनांक 03 अप्रैल 2026 का राशिफल, जानिए आज क्या कहते है आपके भाग्य के सितारे इंडोनेशिया में 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप: सुनामी की लहरों के बाद चेतावनी, एक मौत होर्मुज जलडमरूमध्य संकट: ईरान का भारत को सुरक्षा का बड़ा आश्वासन जांच के नाम पर वनरक्षक से मारपीट का आरोप, सागौन कटाई में विभाग के ही कर्मचारी घेरे में हनुमान जयंती पर भक्तिभाव का सैलाब : मंदिर-मंदिर अखंड रामायण, सुंदरकांड और महा भंडारे उज्जैन की केमिकल कंपनी में 30 कर्मचारियों का कान खराब, हियरिंग मशीन लगी भोपाल में शराब दुकानों की शिफ्टिंग पर बवाल, लोगों ने जताया विरोध ग्वालियर में बदमाशों ने पुलिस टीम पर हमला किया, गोलीबारी में बचीं जानें नीमच के कलाकार का कमाल, तुलसी पत्तों पर लिखी हनुमान चालीसा बागेश्वर धाम में हनुमान जन्मोत्सव की धूम, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, देश-विदेश से पहुंचे हजारों लोग

खाद का काला खेल: किसानों तक पहुंचने से पहले ही रास्ते में गायब हो गई 3000 बोरियां

खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में हुए खाद घोटाले को लेकर हुई कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। यहां किसानों को मिलने वाली हजारों बोरी यूरिया बीच रास्ते में ही गायब हो गई और मामला जब खुला तो कार्रवाई सिर्फ दो छोटे कर्मचारियों पर हुई।

जानें पूरा मामला
मामला खंडवा जिले के पदमनगर थाना का है। यहां सहकारी बैंक कर्मचारी और ट्रांसपोर्ट कंपनी के कर्मचारी ने मिलकर करीब 3000 हजार खाद की बोरियां आधे रास्ते में गायब कर ब्लैक में बेच दी। यह खाद की बोरियां समितियों तक पहुंचनी थी। अब इस घोटाले का खुलासा होने के बाद प्रशासन में हड़कंप में मच गया है। वहीं, जांच के बाद पुलिस ने सहकारी बैंक कर्मचारी और ट्रांसपोर्ट कंपनी के कर्मचारी के खिलाफ FIR दर्ज की है।

- Install Android App -

जांच में सामने आया कि जिला सहकारी बैंक के कर्मचारी जीवन वर्मा और ट्रांसपोर्ट कंपनी के कर्मचारी राजेश मंडलोई ने मिलकर करीब 3000 बोरी यूरिया का गबन किया। इन्होंने बिल्टियों पर फर्जी सील और हस्ताक्षर कर कंपनियों को धोखा दिया गया।

‘ये पूरा नेटवर्क है’
इस मामले में संयुक्त कृषक संगठन के अध्यक्ष नरेंद्र पटेल ने कहा- ‘हमें लगता है कि ये पूरा नेटवर्क है। बैंक के बड़े अफसर, कंपनियां और ट्रांसपोर्टर सब इसमें शामिल हैं। सिर्फ छोटे कर्मचारियों को पकड़ना किसानों के साथ धोखा है।’