हरदा। कोतवाली थाना पुलिस ने ग्राम कोलवा में हुए परमानंद जाट हत्याकांड का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹1,90,500 की नगदी सहित वारदात में प्रयुक्त आलाजरार बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 24 अगस्त 2026 को लक्ष्मीनारायण जाट ने अपने भाई परमानंद जाट के अज्ञात व्यक्ति द्वारा अपहरण कर बंधक बनाए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 563/26 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
रातभर तलाश के बाद पुलिस को परमानंद जाट ग्राम कोलवा में भागीरथ जाट के खेत के किनारे नाले में गंभीर चोटों के साथ मिले। घटनास्थल पर कोतवाली पुलिस और एफएसएल टीम ने जांच की। पीएम रिपोर्ट और परिजनों के कथनों सहित सामने आए साक्ष्यों के आधार पर हत्या समेत अन्य धाराओं का इजाफा किया गया।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने मोबाइल टावर लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया। इसके आधार पर पुलिस ने कमल पिता रामेश्वर निमोरे निवासी कोलवा, हरिओम पिता सूरजलाल पारधी निवासी गूठानिया थाना रहटगांव और अक्षय पिता छोटे सिंह पारधी निवासी गूठानिया थाना रहटगांव को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
दो सोने की गिन्नियों का भी सामने आया मामला
कोतवाली टीआई रोशन लाल भारती ने बताया कि पूछताछ के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि पूर्व में आरोपियों द्वारा मृतक को दो सोने की गिन्नियां दी गई थीं। पुलिस ने इस मामले की कड़ी को भी जांच में शामिल किया है। आरोपियों के कब्जे से ₹1,90,500 की राशि जब्त की गई है।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त आलाजरार भी बरामद किए हैं। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से आगे की कार्रवाई की जा रही है। मामले में विवेचना जारी है।
पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका
अंधे कत्ल का 24 घंटे के भीतर खुलासा करने में निरीक्षक रोशन लाल भारती, निरीक्षक राम प्रसाद कवरेती, उप निरीक्षक मानवेन्द्र सिंह भदौरिया, उप निरीक्षक अजय रघुवंशी, उप निरीक्षक संतोष रघुवंशी, आरक्षक प्रदीप मालवीय, आरक्षक रामनरेश, आरक्षक नीलेश पटेल और साइबर आरक्षक कमलेश परिहार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

