मकड़ाई एक्सप्रेस हरदा– जाने माने कलाविद, एवं निबंधकार श्री नर्मदा प्रसाद उपाध्याय को हिंदी में मौलिक पुस्तक लेखन के लिए देश के प्रतिष्ठित राजभाषा गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
संस्कृति, धर्म, कला एवं धरोहर विषय की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार के रूप में उन्हें यह पुरस्कार उनकी चर्चित कृति ‘भारतीय कला और अंतरानुशासन’ के लिए प्रदान किया जा रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा हिंदी में मौलिक पुस्तक लेखन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित इस पुरस्कार योजना में संस्कृति, धर्म, कला एवं धरोहर श्रेणी के प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹1.50 लाख की राशि, प्रमाण-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान किए जाते हैं।
राजभाषा विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार इस वर्ष 14 सितंबर को मुंबई में हिंदी दिवस समारोह एवं छठा अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन आयोजित होगा। इसी अवसर पर गरिमामय समारोह में श्री उपाध्याय को यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।
कला और साहित्य के क्षेत्र में दीर्घकाल से सक्रिय मध्य प्रदेश के हरदा निवासी श्री उपाध्याय अपने मौलिक लेखन, शोध और भारतीय कला पर गंभीर चिंतन के लिए देश-विदेश में प्रतिष्ठित हैं। उनका यह सम्मान हरदा ही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के लिए भी गौरव का विषय है।
हरदा के नर्मदा प्रसाद उपाध्याय को मिलेगा प्रतिष्ठित राजभाषा गौरव पुरस्कार
हरदा के जाने-माने कलाविद एवं निबंधकार श्री नर्मदा प्रसाद उपाध्याय को हिंदी में मौलिक पुस्तक लेखन के लिए देश के प्रतिष्ठित राजभाषा गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। संस्कृति, धर्म, कला एवं धरोहर विषय की श्रेणी में उनकी चर्चित कृति ‘भारतीय कला और अंतरानुशासन’ को प्रथम पुरस्कार के लिए चुना गया है।
यह सम्मान हरदा ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

