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नहर विभाग का ‘तुगलकी’ फैसला, किसानों के लिए बढ़ी मुसीबत

स्यानी नदी के पुल पर आवागमन बंद, खेत जाने के लिए किसानों को लगाना पड़ेगा 8 से 10 किलोमीटर का चक्कर

हरदा। किसानों की सुविधा के लिए सड़क तो बना दी गई, लेकिन लगता है जिम्मेदार विभाग पुल बनाना ही भूल गया। अब नहर विभाग ने ग्राम नहाली कलां में स्यानी नदी के पुल से आवागमन बंद कर दिया। किसानों की फसलें पककर तैयार होने को है, वहीं पुल बंद होने से किसानों और ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। विभाग के इस फैसले को ग्रामीण ‘तुगलकी फरमान’ बता रहे हैं।

स्यानी नदी पर बने इस नहर के पुल से रोजाना बड़ी संख्या में किसान अपने खेतों तक आते-जाते हैं। वहीं स्कूली बच्चों और ग्रामीणों के लिए भी यह प्रमुख आवागमन मार्ग है। पुल बंद होने के बाद किसानों को खेतों तक पहुंचने के लिए करीब 8 से 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा।

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खास बात यह है कि जब क्षेत्र की नदी-नालों में बाढ़ जैसे हालात थे, तब भी इसी पुल से लोग रोजाना आवागमन करते रहे। लेकिन अब अचानक आवागमन बंद किए जाने से सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुल पर कोई तकनीकी या सुरक्षा संबंधी समस्या है तो उसका स्थायी समाधान किया जाना चाहिए, न कि रास्ता ही बंद कर दिया जाए। सड़क निर्माण के दौरान शायद जिम्मेदारों का ध्यान इतना सड़क पर था कि पुल बनाना ही भूल गए और अब उसी गलती का खामियाजा किसान भुगतेंगे।

अब सवाल यह है कि स्कूली बच्चों और किसानों को सुविधा देने के लिए बनाई गई सड़क अगर उन्हें स्कूल और खेत तक पहुंचने के बजाय 10 से 15 किलोमीटर का चक्कर कटवाए,

ग्रामीणों ने नहर विभाग से पुल पर आवागमन बहाल करने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।