हरदा: विकास नगर की मुख्य सड़क बनी दलदल कीचड़ भरी सड़क पर स्कूल जाते बच्चों के जूते-चप्पल हाथ में दिखे
मकडा़ई एक्सप्रेस 24 हरदा । विगत दो दिन की मूसलाधार बारिश ने हरदा के विकास नगर कॉलोनी की मुख्य सड़क को तालाब बना दिया है। सड़क पर घुटने तक कीचड़ और गंदा पानी भरा है। नतीजा: यूनिफॉर्म पहने स्कूली बच्चे जूते-चप्पल हाथ में लेकर, कपड़े समेटकर दलदल पार करने को मजबूर हैं।
जमीनी हालात: क्या दिख रहा है तस्वीर में
विकास नगर की मुख्य रोड पर आज सुबह का नजारा दिल दहला देने वाला था। तस्वीर में एक मां अपनी छोटी बच्ची के साथ कीचड़ से भरी सड़क पर चलती दिख रही है। बच्ची स्कूल यूनिफॉर्म में है, पर उसके पैर कीचड़ में सने हैं। मां ने खुद भी चप्पल हाथ में ले रखी है और एक हाथ में बैग थामा है।
सड़क पर न डामर दिख रहा है, न गिट्टी। सिर्फ गहरे गड्ढे और फिसलन भरा कीचड़। दोपहिया वाहन वाले भी गिरने के डर से रेंग-रेंग कर निकल रहे हैं। रोड के किनारे मिट्टी-मलबे का ढेर लगा है, जिससे पानी की निकासी पूरी तरह बंद है। बारिश का पानी बहने की जगह सड़क पर ही ठहर गया है।
स्कूली बच्चों की परेशानी: पढ़ाई से ज्यादा जंग
बारिश में रोज का संघर्ष
विकास नगर और आसपास की बस्तियों के 200+ बच्चे इसी रोड से स्कूल जाते हैं। 2 दिन की बारिश में ही रोड ऐसी हो गई कि बच्चे यूनिफॉर्म गंदी होने के डर से स्कूल नहीं जा पा रहे। जो जा रहे हैं, वो क्लास में कीचड़ सने कपड़ों के साथ बैठ रहे हैं।
गिरने-बीमार पड़ने का खतरा
फिसलन भरी मिट्टी में छोटे बच्चे बार-बार गिर रहे हैं। हाथ-पैर में चोट के साथ पेट की बीमारी का डर भी बढ़ गया है, क्योंकि गंदा पानी कपड़ों और जूतों के जरिए घर तक जा रहा है।
अभिभावक परेशान
एक अभिभावक ने कहा “नगर पालिका टैक्स तो पूरा लेती है, पर 2 बारिश में ही रोड धुल गई। बच्चे को गोद में लेकर स्कूल छोड़ना पड़ रहा है। रोज आधा घंटा लेट हो रहे हैं”।
क्यों हुई ये हालत….?
निकासी की नाकामी : रोड किनारे नाली नहीं बनी है। साइड में पड़े मलबे-मिट्टी के ढेर से पानी का रास्ता बंद है। इसलिए थोड़ी बारिश में ही पानी भर जाता है।
गुणवत्ता पर सवाल
विकास नगर में पिछले साल ही सड़क मरम्मत का काम हुआ था। पर 1 मानसून भी नहीं झेल पाई। स्थानीय लोग ठेकेदार की खानापूर्ति और घटिया मैटेरियल को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। हरदा शहर की उत्कृष्ट सड़क का स्लैब भी 2 बारिश में उखड़ गया था।
मेंटेनेंस जीरो
नगर पालिका की टीम मानसून से पहले नालियों की सफाई और मलबा हटाने नहीं पहुंची। अब हालात बिगड़ने के बाद “बारिश रुकने पर देखेंगे” वाला जवाब मिल रहा है।
लोगो की मांग तुरंत हो समाधान
बस्ती के लोगों ने सीएमओ और कलेक्टर से मांग की है:
1. तत्काल मिट्टी-कीचड़ हटाकर जेसीबी से रोड लेवल करें ताकि बच्चे फिसले नहीं।
2. अस्थाई रूप से रेत-बजरी डालकर फिसलन कम की जाए जब तक पक्का काम न हो।
3. पक्की नाली + डामरीकरण का स्थायी समाधान मानसून बाद कराया जाए।
मौसम का असर
IMD ने आज हरदा जिले में ऑरेंज अलर्ट दिया है ,, अगर और बारिश हुई तो विकास नगर की ये सड़क पूरी तरह बंद हो जाएगी। तब एंबुलेंस और स्कूली वैन भी नहीं पहुंच पाएंगी।
विकास नगर की ये तस्वीर सिर्फ एक कॉलोनी की नहीं, हरदा शहर की बदहाल शहरी व्यवस्था की कहानी कह रही है। टैक्स देने वाले नागरिकों को बुनियादी सुविधा के लिए तरसना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा मार स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रही है।
क्या प्रशासन अनजान है…
अब देखना है कि प्रशासन बच्चों की दिक्कत को कितनी गंभीरता से लेता है, या फिर ये कीचड़ भरी सड़क अगली बारिश का इंतजार करती रहेगी।

