नई दिल्ली | मकड़ाई एक्सप्रेस 24
पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की तबीयत खराब हो गई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो जारी कर बताया कि जांच में उन्हें टाइफाइड की पुष्टि हुई है। फिलहाल उनका इलाज डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है और उन्हें नियमित दवाइयों के साथ IV फ्लूइड भी दिया जा रहा है।
बीमारी के बावजूद आंदोलन जारी रखने का ऐलान
अभिजीत दीपके ने कहा कि स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद आंदोलन नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि देशभर के हजारों छात्र-युवा शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं और यही इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने समर्थकों से अनुशासन बनाए रखने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखने की अपील की।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग बरकरार
दीपके ने एक बार फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। उनका कहना है कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी कहा कि इस्तीफे के बिना सरकार से बातचीत का कोई औचित्य नहीं है।
जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ी, आज तीसरे दौर की बैठक
संभावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सरकार और CJP के बीच शनिवार दोपहर 3:30 बजे तीसरे दौर की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
पिछली बैठक को लेकर दावा
CJP का दावा है कि पिछली बैठक में सरकार ने आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई थी। हालांकि, इन दावों की सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
CJP ने 20 जून से जंतर-मंतर पर धरना शुरू किया है। प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों और छात्रों की आत्महत्या के मामलों में जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। आंदोलन को दिल्ली विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षकों का भी समर्थन मिलने का दावा किया गया है।

