शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, हजारों छात्र सड़कों पर उतरे और दिल्ली के जंतर मंतर प्रदर्शन किया 6 जून 2026: NEET पेपर लीक और CBSE रिजल्ट विवाद को लेकर दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन
क्या हुआ जंतर-मंतर पर? – 6 जून का पूरा घटनाक्रम
मकडा़ई एक्सप्रेस 24 दिल्ली । अमेरिका से लौटे अभिजीत दीपके के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया जहां सरकार की शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन किया गया।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक *अभिजीत दीपके* शनिवार सुबह बोस्टन, अमेरिका से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे और सीधे जंतर-मंतर के लिए रवाना हुए। उनके नेतृत्व में हजारों छात्र, युवा पेशेवर और अभिभावक सुबह 10 बजे से जंतर-मंतर पर जुटने शुरू हुए। प्रदर्शन शाम 5 बजे तक चला, जिसकी अनुमति दिल्ली पुलिस ने दी थी।
मुख्य मांग: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
प्रदर्शनकारियों ने *NEET 2026 पेपर लीक*, CBSE क्लास 12 OSM और रीवैल्यूएशन विवाद, CUET और SSC भर्ती में अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। नारे लगे – _’धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’, ‘हमने मांगा Make in India, आपने दिया Leak in India’_। CJP ने 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है: अगर इस्तीफा नहीं हुआ तो देशव्यापी आंदोलन होगा।
प्रदर्शन की खास बातें – फूल, किताब और कॉकरोच मास्क
अनोखा विरोध: हिंसा नहीं, फूल और तिरंगा
CJP ने प्रदर्शन से पहले गाइडलाइंस जारी की थीं कि तिरंगा और किताब साथ लाएं, पुलिस को फूल दें, वीडियो रिकॉर्ड करें, हिंसा न करें। कई छात्र कॉकरोच के मुखौटे पहनकर पहुंचे। अभिजीत दीपके ने कहा – _”कॉकरोच डरते भी नहीं, कभी मरते भी नहीं”_।
बड़े चेहरे भी हुए शामिल
पर्यावरणविद *सोनम वांगचुक* प्रदर्शन में शामिल हुए और कहा कि अगर दीपके गिरफ्तार हुए तो वो 6 हफ्ते का अनशन करेंगे। _’सोनम वांगचुक को बनाओ शिक्षा मंत्री’_ के नारे भी लगे।
टाइट सुरक्षा व्यवस्था
दिल्ली पुलिस ने 1000+ जवान, अर्धसैनिक बल और बैरिकेड्स लगाए। IGI एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई। पुलिस ने 6 लोगों को हिरासत में लिया ताकि दो गुटों में टकराव न हो।
विवाद की जड़: क्यों भड़के छात्र….?
1. NEET 2026 पेपर लीक : आरोप है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली हुई।
2. CBSE OSM विवाद : क्लास 12 के ऑन-स्क्रीन मार्किंग और रीवैल्यूएशन में गड़बड़ी से हजारों छात्र रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
3. भर्ती परीक्षाएं : CUET, SSC समेत अन्य परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी का आरोप।
CJP का कहना है कि ये “डिजिटल मूवमेंट से जमीन पर उतरा पहला बड़ा आंदोलन”है।
पुलिस और कोर्ट का रुख
दिल्ली पुलिस ने पहले कहा था कि परमिशन के लिए कोई अर्जी नहीं आई, लेकिन बाद में एक दिन की अनुमति सुबह 10 से शाम 5 बजे तक दे दी। ये अनुमति सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के तहत “वन-टाइम एक्सेम्प्शन” थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रदर्शन के खिलाफ याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया।
CJP का दावा vs हकीकत
CJP का आरोप : खान सर के कोचिंग पर हमले के बाद उनके गार्डों ने फायरिंग की, लेकिन ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रोशन आनंद को गिरफ्तार कर लिया गया। CJP इसे शिक्षा माफिया की लड़ाई बता रही है।
सरकार का पक्ष : अभी तक शिक्षा मंत्रालय या धर्मेंद्र प्रधान की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
यह खबर सार्वजनिक मीडिया रिपोर्ट्स, पुलिस बयानों और सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो के आधार पर तैयार की गई है। मामला संवेदनशील है। किसी भी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं किया जाता।

