मकड़ाई एक्सप्रेस 24 | नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित दिल्ली मार्च को लेकर राजधानी में रविवार रात से ही हलचल शुरू हो गई थी। पार्टी के समर्थक शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पहुंचे।
प्रदर्शन का मुख्य केंद्र जंतर-मंतर रहा, जहां पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए।
सुबह से अब तक क्या हुआ?
रविवार रात से ही पार्टी के कार्यकर्ता जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में जुटने लगे थे। सोमवार सुबह तक प्रदर्शन स्थल पर करीब 100 समर्थक मौजूद थे। शाम को आयोजित कैंडल मार्च में यह संख्या बढ़कर लगभग 500 तक पहुंच गई।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग
प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि NEET सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर वे शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।
दिल्ली मार्च का आह्वान पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया था। आयोजकों ने समर्थकों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और फूल व तिरंगा लेकर पहुंचने की अपील की।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया। सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग, मेटल डिटेक्टर गेट और बैगेज स्कैनिंग मशीनें लगाई गईं। बिना अनुमति प्रदर्शन जारी रखने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी वाले बैनर भी लगाए गए।
मेट्रो और ट्रैफिक पर असर
सुरक्षा कारणों से पटेल चौक, राजीव चौक और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट सहित कुछ मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और इंटरचेंज सेवाओं में अस्थायी बदलाव किए गए। वहीं जंतर-मंतर के आसपास यातायात डायवर्ट किया गया और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी रखी गई।
हाईकोर्ट में भी पहुंचा मामला
इस प्रदर्शन को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें कानून-व्यवस्था बनाए रखने की मांग की गई। हालांकि, अदालत ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। प्रदर्शन में AISA और SFI जैसे छात्र संगठनों के कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण
पुलिस के अनुसार जंतर-मंतर पर स्थिति नियंत्रण में और शांतिपूर्ण है। प्रशासन लगातार प्रदर्शनकारियों से निर्धारित नियमों का पालन करने और धरना समाप्त करने की अपील कर रहा है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

