jhankar
ब्रेकिंग
सागर- जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी का हाफ एनकाउंट ग्वालियर में हिस्ट्रीशीटर की गोली मारकर हत्या इंदौर में BJP नगर अध्यक्ष ने घुमाई बनेठी  सुमित मिश्रा ने डोल ग्यारस पर दिखाया पारंपरिक कौशल गंदी नालियों और बदबू से परेशान चारूवा के वार्ड 11-12 के बाशिंदे विधायक अभिजीत शाह ने किए गणेश जी के दर्शन डोल ग्यारस पर 5 विमान निकले, जगह-जगह ग्रामीणो ने की पुष्प वर्षा सेवा संकल्प अभियान- संकुल स्तरीय प्रतियोगिता में 72 विद्यार्थियों ने दिखाया हुनर हरदा: साल्याखेड़ी में ट्यूबवेल की चपेट में आया 12 साल का मासूम, करंट लगने से मौत खनन माफिया का कहर ड्यूटी पर तैनात वन रेंजर को डंपर ने 50 मीटर घसीटा हुई दर्दनाक मौत सोनभद्र केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला "सिर्फ धर्म बदलने से ST दर्जा खत्म नहीं होगा"

आधुनिक माउंटेन गन सिस्टम का निर्माण: जबलपुर की गन कैरिज फैक्ट्री में 100 धनुष तोपों के लिए तैयारी

जबलपुर। जबलपुर की गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएफ) में बनी धनुष तोप ऑपरेशन सिंदूर में धाक जमाने के बाद की मांग बढ़ी है। रक्षा उत्पादन में नए सिरे से कार्य करते हुए निर्माणी छह माह के छोटे से समय में 100 धनुष तोप का नया आधुनिक माउंटेन गन सिस्टम बनाएगा। यह तोप अभी 38 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है। इसमें 52 कैलिबर का उपयोग किया गया है।

अब नई तोप 44 से 46 किलोमीटर रेंज कवर करेगी और 45 की जगह 52 कैलिबर में नजर आएगी। निर्माणी ने इसके लिए नया प्लांट विकसित किया है, जहां इसे आकार दिया जाएगा। माउंटेन गन सिस्टम से यह व्हीकल पर कैरी हो सकेगी साथ चारों दिशाओं में घूमकर फायर में सक्षम हो सकेगी। धनुष 155 एमएम 45 कैलीबर की आधुनिक आर्टिलरी गन में एक है। इस आर्टिलरी गन में 81 प्रतिशत पार्ट स्वदेशी है और लक्ष्य 91 प्रतिशत स्वदेशी पार्ट्स का है।

- Install Android App -

13 सेकंड में तीन फायर

उन्होंने बताया कि इस गन की मारक क्षमता 38 किलोमीटर तक है। यह 13 सेकंड में तीन फायर कर सकती है। फायर करने के बाद गन अपनी पोजिशन चेंज कर करती है। उन्होंने बताया कि आर्टिलरी गन का वजन 13 टन है। उन्होंने इस बात से भी इंकार किया कि यह बोफोर्स का अपग्रेडेड वर्जन है। बोफोर्स तथा धनुष के कुछ फंक्शन सामान्य हैं। यह रात के समय भी लक्ष्य पर निशाना साध सकती है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने कुल 414 गन की मांग की है।
पूरी तरह देश में विकसित

जानकारी के मुताबिक, 1990 में बोफोर्स के बाद अब जाकर कोई बड़ी गन सेना को सौंपी जा रही है। देश में विकसित सबसे बड़ी आर्टिलरी गन धनुष में कई खूबियां हैं। 2012 में इस पर काम शुरू हुआ था। इसमें अपग्रेडेड कम्यूनिकेशन सिस्टम लगाया गया है।