इंदौर। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दूषित पानी पीने से एक और जान चली गई। शुक्रवार को 63 वर्षीय बुजुर्ग ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अब तक कुल 26 मौतें हो चुकी हैं। बुजुर्ग बद्री प्रसाद को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद 17 जनवरी को अरविंदो अस्पताल में भर्तीय कराया गया था।
अस्पताल के जीएम राजीव सिंह के अनुसार बुजुर्ग को डायरिया के कारण भर्ती किया गया था दो दिनों में डायरिया ठीक भी हो गया था। वह पहले से टीबी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। इसका इलाज भी अस्पताल में किया जा रहा था। उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई और मौत हुई है। भागीरथपुरा में यह उल्टी दस्त होने के बाद भर्ती 26वीं मरीज की मौत हुई है।
दूषित पानी पीने से 7 मरीजों का इलाज जारी
इधर, भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से सैकड़ों लोगों के बीमार होने और 25 लोगों की जान जाने के बाद जहां हर मंगलवार को जल सुनवाई शुरू की गई है। वहीं पार्षद और नगर निगम के अफसर नर्मदा जलप्रदाय की टंकियों के साथ बोरवेल की सतत मॉनिटरिंग कर रहे है। इसके साथ ही टंकियों की सफाई की जा रही है और पानी में क्लोरीन की जांच की जा रही है। शहर की 5 टंकियों की सफाई करने के साथ अलग-अलग 174 स्थानों पर पानी में क्लोरीन जांचा गया ताकि जनता को शुद्ध व साफ पानी मिल सकें।
भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब अरविंदो अस्पताल में 10 लोग भर्ती हैं। एक मरीज वेंटिलेटर पर है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, भर्ती मरीजों में से 8 दूसरी बीमारियों से भी पीड़ित हैं।
70% हिस्से का काम इस माह होगा पूरा भागीरथपुरा दूषित पानी कांड के मामले में क्षेत्र के 30% हिस्से में रोज एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई शुरू हो गया है। इसके साथ ही नियमित टेस्टिंग हो रही है। हालांकि, अभी रहवासियों का विश्वास कायम होने में समय लगेगा। अधिकांश रहवासी तो आरओ और टैंकर का पानी ही उपयोग कर रहे हैं। बाकी 70% हिस्सों में जो पाइपलाइन का काम चल रहा है, वो इस माह पूरा हो जाने की उम्मीद है।

