jhankar
ब्रेकिंग
हंडिया : बस स्टैंड मार्केट बना ‘अतिक्रमण का अड्डा’! टीन शेड माफिया हावी, छोटे दुकानदारों का दम घुटा—... हंडिया : सत्तु अमावस्या पर सेवा की मिसाल: पागल बाबा आश्रम के पं.रामकृष्ण दाधीच ने कराया सत्तू वितरण,... Harda news: मकड़ाई समाचार के संपादक मोहन गुर्जर से गाली गलौज, जान से मारने की धमकी ! सिविल लाइन में... सिटी बस पास महंगा होने से छात्र नाराज: किराया 600 रुपए हुआ, पास योजना बंद होने से बढ़ें दाम कांग्रेस का अनूठा प्रदर्शनः एम्स के सामने चूहा पकड़ने का पिंजरा और कीटनाशक लेकर पहुंचे कार्यकर्ता 56 साल की सुनीता सिंह ने रचा इतिहास, अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी पर फहराया तिरंगा शादी के लिए चाहिए LPG तो पहले देना होगा कार्ड, सिलेंडर वितरण पर नई व्यवस्था लागू शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों को CM हाउस घेरने से रोका, भोपाल में पुलिस की सख्ती जबलपुर के तेवर में बुरादा फैक्ट्री में भीषण आग, मची अफरातफरी ओंकारेश्वर में शंकराचार्य प्रकटोत्सव की धूम, मोहन यादव ने मांधाता पर्वत पर किया उद्घाटन

भोपाल में प्राइवेट स्कूलों पर शिकंजा, कलेक्टर ने जांच टीमें बनाई, शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में नए शैक्षणिक सत्र से पहले ही प्रशासन ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर बड़ा एक्शन ले लिया है। भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए कहा है कि कोई भी निजी स्कूल अब अभिभावकों पर किसी एक तय दुकान से यूनिफॉर्म, किताबें, कॉपियां या जूते खरीदने का दबाव नहीं बना सकेगा।

कलेक्टर के निर्देश के बाद जिलेभर में निगरानी के लिए 8 विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो शिकायत मिलते ही संबंधित स्कूल प्रबंधन पर तुरंत कार्रवाई करेंगी।

एक दुकान से खरीदने की बाध्यता खत्म

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि प्राइवेट स्कूल किसी भी छात्र या पैरेंट्स को किसी विशेष दुकान से यूनिफॉर्म या किताबें खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। अगर किसी स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर आर्थिक दबाव बनाने की शिकायतें सामने आ रही थीं, जिस पर प्रशासन ने यह कड़ा फैसला लिया है।

शिकायत मिलते ही होगी कार्रवाई

प्रत्येक अनुभाग में एसडीएम के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम बनाई गई है। इन टीमों में तहसीलदार और सरकारी स्कूलों के प्राचार्य शामिल हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि जैसे ही किसी अभिभावक की शिकायत मिले, तुरंत जांच कर दोषी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

भोपाल में गठित 8 विशेष टीमें

कोलार – एसडीएम पी.सी. पांडेय

शहर वृत्त – एसडीएम दीपक पांडेय

- Install Android App -

एमपी नगर – एसडीएम एल.के. खरे

गोविंदपुरा – एसडीएम भुवन गुप्ता

टीटी नगर – एसडीएम अर्चना शर्मा

बैरागढ़ – एसडीएम रविशंकर राय

बैरसिया – एसडीएम आशुतोष शर्मा

हुजूर – एसडीएम विनोद सोनकिया

(हर टीम में तहसीलदार और शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हैं)

पैरेंट्स के लिए बड़ी राहत

इस फैसले से भोपाल के हजारों अभिभावकों को राहत मिलेगी। अब स्कूल मनमाने तरीके से महंगी किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर पाएंगे। अगर कहीं भी दबाव बनाया जाता है तो पैरेंट्स सीधे प्रशासन से शिकायत कर सकते हैं।