jhankar
ब्रेकिंग
हरदा के सनफ्लावर स्कूल में दस्तावेजों का खेल! मार्कशीट में फेल, टीसी में पास; डीईओ से जांच की मांग नरसिंहपुर हादसा: हाईवे किनारे सेल्फी ले रहे 6 दोस्तों को हाईवा ने कुचला, सभी की मौत भोपाल में मंत्री परिषद की बैठक: मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता को मंजूरी, इस्लामनगर में लिया ऐति... नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के तहत पुलिस ने चलाया जागरूकता अभियान  वर्धा में समृद्धि एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: कार-ट्रक में टक्कर के बाद लगी आग, 6 लोगों की मौत 36 घंटे में रहटगांव पुलिस की बड़ी सफलता: अपहृत 13 वर्षीय बालिका सकुशल बरामद, आरोपी गिरफ्तार भोपाल कूच से पहले प्रशासन ने किसानों को रोका: बरलाई में वॉटर कैनन का इस्तेमाल, 10 हिरासत में ( Makd... Bhopal news: प्रदेश अध्यक्ष के आह्वान पर आज राजधानी भोपाल में आशा एवं आशा पर्यवेक्षकों का प्रदर्शन, ... कॉकरोच जनता पार्टी का दिल्ली मार्च: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी 1109 करोड़ के बैंक लोन घोटाले में CBI का बड़ा एक्शन, 4 राज्यों में एक साथ छापेमारी

Big News Mp: लोकायुक्त ने 15000/- रिश्वत लेते इंजीनियर को रंगे हाथ पकड़ा… पढ़िए पूरी खबर

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 ग्वालियर : लोकायुक्त पुलिस ने कार्यवाही करते हुए इंजीनियर को रिश्वत लेते गिरफतार किया हैं जो ठेकेदार से बिल भुगतान के एवज में रिश्वत मांग रहा था। मिली जानकारी के अनुसार आरोपी इंजीनियर पीडब्ल्यूडी शाखा में कार्यपालन यंत्री है। जहां ठकेदार से बिल भुगतान के लिए 15000 की रिश्वत मांग की थी। ग्वालियर के ठाकुर मोहल्ला गोसपुरा में रहने वाले महेंद्र सिंह बैस ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की थी कि उसने कलेक्टर भिंड के बंगले पर लाइट फिटिंग का कार्य किया था। जिसका तीन लाख रुपये का बिल को पास करने के लिए ईई पीके गुप्ता 75 हजार रिश्वत में माग रहे थे मेरे द्वारा 55000 रुपये पहले दिए जा चुके है शेष रुपयों के लिए मुझ पर दबाब बनायाजा रहा था। लोकायुक्त टीम ने मामले की तस्दीक की और आरोपी को पकड़ने की प्लानिंग बनाई डीएसपी तोमर के निर्देशन मंे लोकायुक्त टीम शिकायत कर्ता महेंद्र बेस को लेकर इंजीनियर द्वारा बताए स्थान ग्वालियर व्यापार मेला विद्युत केंद्र पर पहुची। जैसे ही शिकायत कर्ता से इंजीनियर गुप्ता ने रिश्वत के रुपये लिए लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। इस कार्रवाई में डीएसपी राघवेंद्र तोमर के अलावा राघवेन्द्र ऋषिस्वर, विनोद सिंह कुशवाह, इंस्पेक्टर कवीन्द्र सिंह चौहान, आराधना डेविस सहित 12 सदस्यीय दल शामिल था ।