हंडिया : मौनी अमावस्या पर नर्मदा तट पर श्रद्धालुओं का सैलाब, कुबेर जी द्वारा-स्थापित रिद्धनाथ महादेव से मां कामाख्या तक गूंजा जयकारा
हंडिया। मौनी अमावस्या पर धार्मिक नगरी हंडिया पूरी तरह आस्था और भक्ति के रंग में रंगा नजर आया।ब्रह्म मुहूर्त से ही नर्मदा तट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई। कई श्रद्धालु एक दिन पहले ही पहुंच गए थे, ताकि नर्मदा स्नान कर विधिवत पूजा-अर्चना कर सकें।
श्री रिद्धनाथ महादेव मंदिर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पौराणिक मान्यता है कि यह शिवलिंग देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर जी द्वारा स्थापित किया गया था। श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर विधिवत पूजा की और “हर-हर महादेव” के जयकारे पूरे मंदिर परिसर में गूंज उठे।
इस अवसर पर पंडित श्री अभिषेक शर्मा ने बताया कि मौनी अमावस्या पर नर्मदा स्नान और पूजन का विशेष धार्मिक महत्व है। उन्होंने श्रद्धालुओं को विधिवत पूजा-अर्चना और दान-पुण्य करने की सलाह दी।
श्रद्धालु अलग-अलग घाटों पर नर्मदा स्नान करते नजर आए। कुछ सड़क घाट नर्मदा मंदिर पहुंचे, तो कुछ जल संयंत्र के पास मां कामाख्या माता मंदिर में स्नान के बाद पूजन-पाठ कर आस्था व्यक्त करते रहे।
हालांकि सड़क घाट और रिद्धनाथ घाट पर गौमाता के कारण श्रद्धालुओं को थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन मौके पर पुलिस बल तैनात रहा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की गई।
पूरे दिन घाटों और मंदिरों में धूप, दीप, मंत्रोच्चार और शंखनाद का भव्य माहौल बना रहा। कई श्रद्धालुओं ने मौन व्रत रखा और दान-पुण्य कर पुण्य कमाया।
धार्मिक विश्वास है कि मौनी अमावस्या पर नर्मदा स्नान और पूजन से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और अक्षय पुण्य प्राप्त होता है। इस आस्था के चलते हंडिया इस दिन एक जीवंत तीर्थ नगरी बनकर उभरा।

