jhankar
ब्रेकिंग
मध्यप्रदेश में संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! अब परिवार को मिलेगा ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य सुरक्ष... यातायात बाधित करने पर पुलिस सख्त बोलेरो वाहन जप्त, पुलिस ने चालक पर केस दर्ज किया  आदतन आरोपी गांजे के साथ पकड़ाया, सिविल लाइन पुलिस ने 838 ग्राम मादक पदार्थ किया जब्त मेरा युवा भारत हरदा द्वारा राष्ट्रीय एकता दिवस एवं आस-पड़ोस युवा संसद कार्यक्रम आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में बड़ा अपडेट: 20.80 लाख मकानों को मंजूरी, पात्र परिवारों को मिलेगी ₹2.... नर्मदा में रेत माफिया पर बड़ी कार्रवाई: बाबरी घाट पर अवैध उत्खनन में लगी 4 पनडुब्बियां जब्त लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने दिया देश को दिया एकता का सूत्र:- नीरज गुर्जर  बंदी निःशुल्क अधिवक्ता पाने के हकदार - प्रधान जिला न्यायाधीश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई नवंबर में स्मार्टफोन बाजार में मचेगी धूम! Motorola, Vivo, Xiaomi और iQOO के नए फोन की एंट्री, जानिए ...

हंडिया शाखा नहर का ओसराबंदी कार्यक्रम जारी

हरदा : टेल क्षेत्र के किसानों तक रबी सिंचाई हेतु पानी पहुँचाने के उद्देश्य से हंडिया शाखा नहर प्रणाली अंतर्गत ओसरा बंदी कार्यक्रम लागू किया गया है। कार्यपालन यंत्री जल संसाधन हंडिया शाखा नहर सोनम बाजपेयी ने बताया कि 2 नवम्बर से 48 घंटे की ओसरा बंदी का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 8.00 बजे से प्रत्येक सोमवार व मंगलवार 0 से 12.09 कि.मी. तक की सभी नहरें बंद रहेंगी। प्रत्येक बुधवार व गुरूवार 12.09 से 21 कि.मी. तक की सभी नहरें बंद रहेंगी। प्रत्येक शुक्रवार व शनिवार को 21 से 33 कि.मी. तक की सभी नहरें बंद रहेंगी। प्रत्येक रविवार को 33 से 40 कि.मी. तक सभी नहरें बंद रहेंगी तथा 33 कि.मी. से शेष प्राप्त होने वाले पानी से लिफ्ट से सिंचाई होगी।

- Install Android App -

बाजपेयी ने बताया कि 5 क्यूसेक से छोटी नहरें प्रथम, द्वितीय पानी में शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक बंद रहेंगी। किसानों से अपील की गई है कि बिना अनुमति एवं अग्रिम राशि जमा किये बगैर सिंचाई पंप नहीं चलावे। ट्रेक्टर चलित एवं 10 एच.पी. से अधिक क्षमता के पंप नहीं चलेंगे।

डिफाल्टर किसानों के द्वारा सिंचाई राजस्व राशि जमा न करने की स्थिति में सायफन अथवा पंप बंद करने की कार्यवाही की जावेगी। उन्होने बताया कि पानी की आवक एवं आवश्यकता को देखते हुए बड़ी उपशाखाओं में ओसराबंदी कार्यक्रम में बदलाव कार्यपालन यंत्री द्वारा किया जा सकेगा।