उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के दरबार में हर पर्व की शुरुआत सबसे पहले होती है। महाकालेश्वर मंदिर में धनतेरस के अवसर पर भगवान महाकाल की महापूजा हुई। कलेक्टर रोशन सिंह ने भगवान महाकाल का पंचामृत अभिषेक-पूजन किया। इसके बाद नंदी हॉल में रुद्राभिषेक किया गया। 22 पुजारी-पुरोहितों ने बाबा महाकाल के साथ कुबेर और चांदी के सिक्कों का पूजन-अभिषेक कराया। महाकाल को चांदी का सिक्का अर्पित किया गया। पूजन के बाद मंदिर पुरोहित समिति की ओर से अतिथियों को आशीर्वाद स्वरूप चांदी का सिक्का व प्रसाद भेंट किया।
मंदिर में पांच दिवसीय उत्सव शुरू
बाबा महाकाल की संध्या आरती में धनतेरस के एक दिन पहले शुक्रवार शाम को पं. आशीष पुजारी ने फुलझड़ी से भगवान महाकाल की आरती की और उत्सव शुरू हुआ. साथ ही गर्भगृह में दीपक भी जलाए गए। देशभर में त्योहार-पर्व को सबसे पहले महाकाल मंदिर में मनाने की परंपरा है।
मंदिर के पुरोहितों ने कराया पूजन
धनतेरस के दिन महाकाल मंदिर में सबके कल्याण एवं सुख समृद्धि के लिए पुरोहित समिति के माध्यम से विधिवत पूजा विगत कई वर्षों से की जा रही है। पूजा-अर्चना के पश्चात कलेक्टर नीरज सिंह ने सभी को दीपावली पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर समिति के अधिकारी भी मौजूद थे। वहीं, कलेक्टर ने कहा कि हर वर्ष शासकीय पूजा की परंपरा महाकालेश्वर मंदिर में चली आ रही है। देश में सुख शांति बनी रहे, इसलिए बाबा महाकाल के दरबार में आज कुबेर जी महाराज,शिव परिवार का पूजन कर समस्त जनता की सुख समृद्धि के लिए कामना की गई।

